फतेहाबाद में शनिवार को मानसून के दूसरे दिन झमाझम बरसात हुई। करीब तीन घंटे तक चली मूसलाधार बरसात से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन पूरा शहर जलमग्न हो गया। शहर की ऐसी कोई बाजार या कॉलोनी नहीं थी जहां एक फुट से कम जलभराव हो। यह बरसात धान और नरमा उत्पादक किसानों के लिए सोना मानी जा रही है। शनिवार को फतेहाबाद में 22 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। वहीं टोहाना और रतिया में भी बरसात हुई।
शनिवार अलसुबह बादल बरसे तो सुबह मौसम खुशगवार था। ठंडी हवाओं के बीच लोगों ने शनिवार की सुबह देखी तो उनके चेहरे खिल गए थे। सुबह नौ बजे आसमान में घनघोर काली घटाएं छा गईं। फिर दोपहर 12 बजे तक तेज हवाओं के बीच मूसलाधार बरसात हुई। लगातार हुई बरसात के कारण न तो बाजार में कोई दुकान खुली और न ही कोई लोग दिखाई दिए। सरकारी कार्यालयों में भी इक्का-दुक्का ही हाजिरी थी। बाजार में सूनापन नजर आया। शोर था तो सिर्फ गलियों से गुजरते पानी का।
यहां हुआ जलभराव:
शहर के थाना रोड, जवाहर चौक, बीघड़ चौक, धर्मशाला रोड, भट्टू रोड, लालबती चौक, नेशनल हाइवे, सिविल अस्पताल, ठाकर बस्ती, रतिया चुंगी, भूना मोड़, बीघड़ रोड, डीएसपी रोड, माजरा रोड, गोपीराम धर्मशाला के पास दो-दो फुट तक पानी का जलभराव हो गया। जलभराव के कारण चार पहिया वाहन रेंगते नहर आए, तो दो पहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भट्टू रोड पर दुपहिया वाहन चालक वाहनों को घसीटते ले जाते देखे गए।
अफसरों की कोठियों के आगे भरा पानी:
बरसात से एसडीएम, एएसपी और लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता की कोठी के बाहर पानी का जलभराव हो गया, तो वहीं सीवरेज भी दिन भर ओवर फ्लो होकर बहते रहे। भट्टू रोड पर सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता की कोठी पानी से डूबी हुई नजर आई, हालांकि अभियंता ने अपनी कोठी का लेवल सड़क से काफी ऊंचा उठा रखा है लेकिन यहां पर भी जलभराव नजर आया।
पंजाबी सभा अस्पताल जाने का रास्ते पर भरा पानी
भट्टू रोड पर पंजाबी सभा अस्पताल सहित कई अस्पताल हैं। इनमें सिंगला अस्पताल, सिवाच अस्पताल, गर्ल्स कॉलेज, आईटीआई, खेल स्टेडियम सहित अनेक संस्थान हैं। इस सड़क का लेवल काफी नीचा है। मुख्य कारण आसपास लगती जमीन पर कॉलोनियां विकसित हो गई, जहां का लेवल ऊंचा हो गया और सड़क का लेवल नीचा रह गया। शासन-प्रशासन ने भी इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया। अब हालात यह हैं कि यहां बरसात के दिनों में दो फुट तक जलजमाव रहता है। पंजाबी सभा अस्पताल सहित उपरोक्त संस्थानों में जाने वाले मरीजों, छात्रों और कर्मचारियों के लिए आना-जाना मुश्किल हो गया। इस बारे अस्पताल संचालन समिति के सदस्य किट्टू बजाज और सुनील चौधरी ने बताया कि प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग को सब कुछ पता होने के बावजूद निकासी की व्यवस्था नहीं की जा रही।
नरमा और धान को फायदा:
बरसात से नरमा और धान उत्पादक किसानों की बांछें खिल गईं। पानी की कमी से नरमे को लगी सफेद मक्खी का प्रकोप इस बरसात के बाद खत्म हो जाएगा। ऐसे ही धान की सूख रही फसल अब हरी होगी और पानी की किल्लत के चलते धान की रुकी पड़ी बिजाई अब पुन: होने लगेगी। इससे धान का बिजाई लक्ष्य पूरा हो जाएगा। गांव दादूपुर के किसान सुधाीर मेहता ने बताया कि गर्मी में फसलें सूख रही थी। खासकर नरमा की फसल खत्म होने के कगार पर थी, अब किसानों में फिर से आस जगी है।
बरसात काफी फायदेमंद है। इस बरसात से नरमा की बीमारी दूर होगी, तो धान उत्पादक किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी। आगे बरसात होगी, तो भी किसानों को और फायदा होगा। फतेहाबाद में शनिवार को करीब 22 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई है।
बलवंत सिंह सहारण, कृषि उपनिदेशक
बरसात का पानी धीरे-धीरे निकल रहा है। शहर के मुख्य बाजारों का पानी चिल्ली की ओर निकल गया है भट्टूरोड का पानी एसटीपी के रास्ते जल्द निकल जाएगा।
फूल कुमार तंवर
कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद