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जिन गांवों में कॉलोनियां काटकर प्लॉट दिए, वहां बाकी सुविधाएं दिलाओ : सत्य प्रकाश

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फतेहाबाद में बैठक के दौरान योजनाओं की समीक्षा करते चेयरमैन सत्य प्रकाश व समिति सदस्य।
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फतेहाबाद। हरियाणा विधानसभा द्वारा अनुसूचित जातियों/जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए गठित समिति के चेयरमैन सत्यप्रकाश व सदस्यों की अध्यक्षता में बुधवार को एमएम कॉलेज में बैठक हुई। बैठक के दौरान अनुसूचित जातियों/जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
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बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि फतेहाबाद जिले ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में शत प्रतिशत आवेदनों को मंजूरी देकर उनकी राशि को स्वीकृत कर दिया है। इस योजना के तहत कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। समिति के चेयरमैन सत्य प्रकाश ने अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के लोगों को 100-100 वर्ग गज के प्लाॅट आवंटन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन गांवों में कॉलोनियां काटकर ये प्लाॅट दिए गए हैं, उनमें मूलभूत सुविधाएं बिजली, पानी व गलियों का निर्माण करवाया जाए। आगामी 31 अगस्त तक यह सब कार्रवाई पूर्ण कर ली जानी चाहिए।
बैठक में विधायक दुड़ाराम, लक्ष्मण नापा, शीशपाल केहरवाला, धर्मपाल गोंदर, ग्रामीण विकास विभाग के महानिदेशक डॉ. जेके आभीर, डीसी मनदीप कौर व एसपी आस्था मोदी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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जहां भूमि नहीं, वहां विकल्प के लिए बनाई समिति
चेयरमैन ने कहा कि जिन गांवों में इस वर्ग के लिए प्लाॅट आवंटित किए जाने हैं और वहां भूमि नहीं है, तो भूमि के विकल्प को देखने के लिए समिति के सदस्य विधायक धर्मपाल गोंदर व स्थानीय विधायक दुड़ाराम तथा उपायुक्त मनदीप कौर की संयुक्त समिति तालमेल के साथ भूमि चिह्नित सहित कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के मामले को देखेगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो योजनाएं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए है, उन योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाए और उन्हें जागरूक करने के लिए सेमिनार व शिविरों का भी आयोजन किया जाए।
कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए
चेयरमैन सत्य प्रकाश ने अनुसूचित जातियों/जनजातियों से संबंधित अत्याचार निवारण केसों में मुआवजा उपलब्ध करवाने को लेकर जिला कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी मामला इसमें लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने एसपी को निर्देश दिए कि अत्याचार निवारण केसों में एफआईआर दर्ज करने के उपरांत इसकी रिपोर्ट एवं एफआईआर जिला कल्याण विभाग को सात दिन में उपलब्ध करवाएं ताकि प्रार्थियों को आर्थिक सहायता के रूप में नियम अनुसार मुआवजे की राशि उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने अत्याचार निवारण केसों में कन्वीशन रेट में भी आवश्यक सुधार के निर्देश दिए और जिला न्यायवादी को कहा कि इन केसों में निपटान तेजी से करवाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में इन वर्गों के लोगों को योजनाओं के दृष्टिगत जो लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए और बकाया किश्तों को समय पर जारी करने के निर्देश दिए। इस योजना की समीक्षा के लिए समिति के सदस्य एवं विधायक लक्ष्मण नापा व शीशपाल केहरवाला को नियुक्त किया गया।
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