सिटी से हिसार जाने वाली सड़क पर गांव धांगड़ के पास बाईपास के किनारे हुडा की अधिग्रहीत जमीन पर लगने वाले पशु मेले को बंद करने के प्रशासन के आदेश के विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। मंगलवार पशु मेले से जुड़े लोगों ने शहर फतेहाबाद के बाजारों में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय जाकर पशु मेला शुरू करने की मांग को लेकर डीसी को एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जयसिंह, धर्मपाल, भगत सिंह व गुरमीत सिंह ने बताया कि पशु मेला बंद होने से पशु व्यापारियों के लाखों रुपये यूपी, दिल्ली व पंजाब के व्यापारियों के पास फंस गए हैं। पिछले 28 वर्षों से पशु मेले में दुकानदारी करने वाले लोगों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है। डीसी के नाम वाले ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि वर्तमान परिस्थितियों के चलते पशु व्यापारी आत्महत्या कर सकते है। अगर किसी व्यापारी ने आत्महत्या की तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अगर पशु मेला शीघ्र शुरू नहीं किया गया, तो पशु व्यापारी लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे और भूख हड़ताल करेंगेे। व्यापारियों ने डीसी को दिए ज्ञापन में यह भी साफ तौर पर कहा कि अगर पशु मेला दोबारा शुरू न हुआ तो शहर में दूध की सप्लाई रोक देेंगे चाहे उन्हें दूध नहरों में बहाना पड़े।
रोष प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे पशु व्यापारी उपायुक्त कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने की जानकारी के बाद उपायुक्त एनके सोलंकी ने पशु व्यापारियों से ज्ञापन लेकर समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।