भूना। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में फार्मेसी विभाग के सहायक प्रोफेसर गौरव खुराना और कोमल खुराना ने हर्बल औषधियों से रिफिल बनाकर डेंगू बीमारी के साथ-साथ कोरोना से बचने के लिए भी इम्युनिटी बढ़ाने का नया तरीका निकाला है।
सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी फूल खुराना के बेटे और पुत्रवधू की जोड़ी ने मलेरिया व डेंगू की रोकथाम की दिशा में हर्बल लिक्विड रिफिल तैयार की है। पीएचडी रिसर्च स्कॉलर एवं फार्मेसी विभाग के सहायक प्रोफेसर गौरव खुराना व सहायक प्रोफेसर कोमल खुराना ने बताया कि हर्बल औषधियों से तैयार इस हर्बल रिफिल में एंटीफंगल एवं एंटीबैक्टीरियल गुण भी होंगे।
सहायक प्रोफेसर गौरव ने बताया कि रिफिल में ऐसी औषधियों को चुना गया है, जिससे लिक्विड वेपराइजर रिफिल से मलेरिया व डेंगू जैसे मच्छर तो दूर भागेंगे ही, साथ में कोरोना के खिलाफ जंग भी लड़ी जा सकेगी। इस हर्बल रिफिल को नीम का तेल, लॉन्ग का तेल, कपूर, नीलगिरी का तेल, तुलसी, गिलोय, अदरक, हल्दी, लेमन ग्रास और पिपरमेंट ऑयल जैसी और भी महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों से बनाया गया है। इसका सभी उम्र के लोगों के लिए कोई साइड इफ्केट नहीं है। इस मौके पर डॉ. शमीम शर्मा, जिलाध्यक्ष बलविंदर सिंह कैरो, रिटायर्ड प्राचार्य बलवंत मल्ली, डॉ. सौरव शर्मा, डॉ. डेजी अरोड़ा, रिटायर्ड हेडमास्टर मनीष खुराना, आत्मप्रकाश सेठी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने इस इनोवेशन कार्य के लिए पुराना दंपतीं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
रासायनिक रिफिल नर्वस सिस्टम पर डालती है नकारात्मक असर
सहायक प्रोफेसर कोमल ने बताया कि मार्केट में विभिन्न तरह की रिफिल आती है। लेकिन वह खतरनाक रासायनिक पदार्थ से बनी होती है। इस पर साफ लिखा होता है कि बच्चों से दूर रखें। इसकी एक रिफिल की कीमत 60 से 80 रुपये तक होती है। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह न्यूरोटोक्सीन है, यानि हमारे नर्वस सिस्टम पर असर डालती है। खासकर के बच्चों पर तथा इससे सांस लेने में कठिनाई, सांस की समस्या, एंजाइटी, चक्कर आना, जी मिचलाना जैसी गंभीर समस्याएं पैदा करती है। जबकि हर्बल रिफिल के कोई साइड इफेक्ट नहीं है।