अमन मलिक को अपने साथ लेकर जाती पुलिस।
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भूना। गांव गोरखपुर के शराब ठेकेदार राजकुमार उर्फ राजा पर जानलेवा हमले के आरोपी से सीआईए पुलिस ने रिमांड के दौरान प्वाइंट 32 बोर का पिस्तौल बरामद किया है। सीआईए फतेहाबाद इंचार्ज इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह गढ़वाल ने बताया कि हत्या प्रयास के मामले में गिरफ्तार किए गए जिला जींद के गांव शामलो कलां निवासी अमन मलिक ने रिमांड के दौरान प्वाइंट 32 बोर का पिस्तौल राजस्थान में एक गांव के कमरे में छिपाने की बात कबूल की थी।
आरोपी को साथ लेकर पुलिस जांच अधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व की टीम बुधवार की देर शाम को राजस्थान के रायसिंह नगर के गांव 8 आरबी में पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर 8 आरबी गांव के बाहर एक कमरे में छिपाया हुआ प्वाइंट 32 बोर पिस्तौल बरामद किया। सीआईए पुलिस जांच अधिकारी ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से और भी असहला मिलने की उम्मीद है। इसलिए पुलिस कई मामलों में वांछित अमन मलिक से पूछताछ कर रही है। भांभू गैंग के सरगना विक्रम भांभू का आरोपी अमन मलिक दाहिना हाथ समझा जाता है। भांभू के साथ मिलकर आरोपी कई वारदात को अंजाम दे चुका है। बता दें कि भूना क्षेत्र में हत्या व हत्या प्रयास की चार वारदात को आरोपी अमन मलिक अंजाम दे चुका है। उसी के चलते पुलिस ने 26 नवंबर 2021 को अमन मलिक पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बदमाश अमन मलिक ने गांव गोरखपुर के शराब ठेकेदार राजकुमार उर्फ राजा पर एक के बाद एक दो बार जानलेवा हमला किया था। ठेकेदार को 9 सितंबर व 21 सितंबर को दोनों बार गोली मारी गई थी। वही 6 अक्तूबर की रात को अमन मलिक ने अपने 9 अन्य साथियों के साथ मिलकर अंधाधुंध फायरिंग करके गांव खासा पठाना के ठेकेदार पंकज खुराना की निर्मम हत्या कर दी थी। ठेकेदार पंकज खुराना हत्याकांड में सीआईए टोहाना पुलिस आरोपी को जेल जाने के बाद प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी।
आरोपी अमन मलिक का अगला निशाना था ठेकेदार सन्नी गोरखपुर
पंकज खुराना हत्याकांड मामले के मास्टरमाइंड जगजीत उर्फ जज ने सीआईए पुलिस टोहाना के रिमांड के दौरान कबूल किया था कि अमन मलिक का अगला निशाना ठेकेदार सन्नी गोरखपुर है। क्योंकि 9 सितंबर की घटना के दिन सन्नी ठेकेदार ने विक्रम भांभू व रमन पंजाब को गाड़ी से टक्कर मार दी थी। परंतु अंधेरा का फायदा उठाकर दोनों बदमाश मौके से भाग गए थे। उसी रंजिश के चलते अमन मलिक का अगला निशाना सन्नी ठेकेदार पर था। मगर सीआईए फतेहाबाद पुलिस ने 9 मई को सिरसा के रानियां से काबू कर लिया। जो अब पुलिस के 4 दिन के रिमांड पर चल रहा है।