BJP प्रदेशाध्यक्ष धनखड़ बोले- ब्रजमंडल यात्रा पर साजिश के तहत हुआ हमला, विपक्षी पार्टियों पर लगाया आरोप
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि दुर्भाग्य है कि नूंह में ब्रजमंडल की यात्रा पर साजिश के तहत बड़ा हमला हुआ। इसमें छह लोगों की जान गई है। इस साजिश की जांच की जा रही। जांच में आम आदमी पार्टी के नेता का भी नाम आया है, जिस पर केस दर्ज हुआ है। कांग्रेस पार्टी की भी सोशल मीडिया पर इस बारे में कोई एक्टिविटी नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों के नाम सामने आने से यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि यह दंगा देश को नफरत और भाईचारे में जातिवाद का जहर खोलने के लिए करवाया गया था। मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, जगदीश चोपड़ा, भारत भूषण मिढ़ा, वेद फुलां, ब्लॉक समिति चेयरमैन केवल मेहता, नगरपालिका उपाध्यक्ष जोगिंद्र नंदा, सुखविंदर गोयल, श्याम कंबोज, नरेश टीटू सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से रविवार देर शाम को अनाज मंडी में पन्ना प्रमुख सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ मुख्य अतिथि रहे। धनखड़ ने कहा कि पन्ना प्रमुख पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने के लिए हर 15 परिवार के ऊपर प्रमुख नियुक्त किया गया है।
धनखड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पार्टी के बनाए पन्ना प्रमुख सरकार की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएंगे और हकदार व्यक्ति को उन योजना का लाभ देने में सहयोग करेंगे। एक पन्ना प्रमुख भले ही छोटा नाम हो, मगर पार्टी में जुड़ने के बाद वह बहुत बड़े पद पर पहुंच जाता है।
देश के मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह भी शुरुआत में पन्ना प्रमुख थे। उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष और अब देश के गृहमंत्री पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अभी तक हरियाणा में पार्टी पदाधिकारी नहीं बना सकी है जबकि भाजपा के बूथ लेवल तक पन्ना प्रमुख नियुक्त हो चुके हैं। जो कड़ी दर कड़ी लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
केंद्र व राज्य में पार्टी की सरकार लाने में पन्ना प्रमुख अहम भूमिका अदा करेंगे। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद सुनीता दुग्गल, रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा, फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के चेयरमैन प्रो. रविंद्र बलियाला भी शामिल हुए।