कार्यक्रम में बोलते पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली।
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23 जनवरी को गांव बिढ़ाईखेड़ा में आयोजित किए जाने वाले मधुर मिलन समारोह को लेकर गांव नाढोडी में ग्रामीणों को न्योता देने पहुंचे पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली सरपंच की गैर हाजिरी पर भड़क गए। भड़के मंत्री ने राइट टू रिकॉल के जरिए सरपंच का चुनाव दोबारा करवाने की चेतावनी भी दे डाली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
मंत्री एक दिन पहले रविवार को गांव में पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि पंचायत मंत्री गांव में आ रहा है इसके बावजूद सरपंच कार्यक्रम में नहीं पहुंचा है, उसकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उसे मंत्री के समक्ष गांव की मांगों को रखना चाहिए था। इससे प्रतीत होता है कि सरपंच को गांव के विकास की चिंता नहीं है। गुस्से में आए पंचायत मंत्री ने कहा कि अगर 50 फीसदी ग्रामीण लिखकर दे देंगे तो राइट टू रिकॉल के जरिए सरपंच पद का दोबारा से चुनाव हो सकता है।
एक वोट से जीतकर सरपंच बने थे नरेंद्र कुमार
गौरतलब है कि गांव नाढोडी में सरपंच पद के लिए 2 उम्मीदवारों में कांटे की टक्कर थी। कड़े मुकाबले में नरेंद्र कुमार ने अपने प्रतिद्वंदी सुंदर कुमार को 1 वोट से हराकर सरपंच पद हासिल किया था। सुंदर को 2200 वोट जबकि नरेंद्र कुमार को 2201 वोट मिले थे।
इस संबंध में गांव नाढोडी के सरपंच नरेंद्र कुमार का कहना है कि वह राजस्थान में रामदेवरा गए हुए थे। एक दिन पहले उनके पास मंत्री के भाई का फोन आया था। गांव के रामदेव मंदिर में आने की बात हुई थी। अगर मंत्री मंदिर में आते तो मैं अपने प्रतिनिधि के तौर पर अपने चाचा को भेजता। मगर मंत्री एक ऐसे व्यक्ति के घर पर कार्यक्रम करके चले गए, जो हमारा राजनीतिक विरोधी है। मंत्री पूरे गांव को न्योता देने आए तो उनको सार्वजनिक स्थान पर कार्यक्रम करना चाहिए था।