ज्ञात रहे कि पहले सरकार ने सरपंचों को मात्र दो लाख रुपये तक के कार्य करने की पावर दी थी। जिस पर सरपंचों ने काफी बवाल भी किया था। जिसके चलते सरकार ने सरपंचों को अपने स्तर पर पांच लाख रुपये तक के काम करवाने की पावर दी थी। पांच लाख से अधिक के काम ई-टेंडरिंग के माध्यम से होंगे। बड़ी पंचायतों का बजट 25 लाख रुपये रखा गया था और यह काम भी ई-टेंडरिंग व कोटेशन के माध्यम से होने हैं।
पांच लाख से अधिक के काम न होने से सरपंच परेशान
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत द्वारा पांच लाख रुपये के जो रेज्यूलेशन पास किए गए हैं, उन पर तो काम हो रहे हैं, लेकिन इससे अधिक बजट के कामों पर ई-टेंडरिंग होने पर भी काम आरंभ नहीं हो रहे हैं। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान एवं गांव अकांवाली से सरपंच मोहन गढ़वाल ने बताया कि पांच लाख से अधिक के कामों के लिए ई-टेंडरिंग के माध्यम से रेज्यूलेशन भी डाल दिए गए हैं और पंचायतों के खातों से रुपये भी कट रहे हैं, लेकिन काम आरंभ नहीं हो रहे।
ऐसा नहीं है अगर पांच लाख से अधिक के कामों की ई-टेंडरिंग हो गई है तो काम आरंभ किए जा रहे हैं। कहीं कोई ऐसी शिकायत हो सकती है। जिन पंचायतों के सामने ऐसी समस्या आ रही है, वह संपर्क कर सकते हैं।
नरेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज, फतेहाबाद।