फतेहाबाद की सात अनाज मंडियों में से भट्टूकलां मंडी को छोड़कर अन्य छह मंडियाें में परमल धान की आवक आरंभ हो गई है। इन छह मंडियों में अब तक एक लाख 14 हजार 264 क्विंटल परमल धान की आवक हो चुकी है और खरीद मात्र छह हजार 272 क्विंटल ही हुई है। अनाज मंडियों में अभी भी एक लाख सात हजार 992 क्विंटल परमल धान पड़ा है और किसान सरकारी खरीद के इंतजार में है। अब तक मात्र दो हजार क्विंटल धान की खरीद हो पाई है।
खरीद धीमी, आवक में तेजी
अनाज मंडी में धान की खरीद की रफ्तार जहां धीमी है, वहीं आवक में तेजी आ गई है। पिछले दो दिनों में ही मंडियों में 60 हजार क्विंटल धान आ चुका है। अगर खरीद के बाद उठान नहीं हुआ तो मंडियों में ढेरियां लगाने के लिए भी किसानों को जगह नहीं मिल पाएगी। वहीं बाजरे की सरकारी खरीद सोमवार को भी नहीं हो पाई।
डुप्लीकेट बासमती धान के भाव में आई मंदी
डुप्लीकेट बासमती की किस्म 1509 जिसे प्राइवेट मिलर खरीद रहे हैं, उसके दामों में कमी आ गई है। शुरुआती तौर पर 1509 किस्म की धान को 3800 रुपये प्रति क्विंटल धान का रेट मिल रहा था, जो अब 700 रुपये गिरकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है।
बाजरे की सरकारी खरीद नहीं हुई आरंभ
फतेहाबाद में 25 सितंबर से खरीफ की फसलों की सरकारी खरीद आरंभ कर दी गई थी, लेकिन धान की सरकारी खरीद चार दिन बाद आरंभ हुई तो बाजरे की अभी तक सरकारी खरीद आरंभ नहीं हुई है। मंडियों में 1932 क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है।
अनाज मंडियाें में परमल धान की आवक होने के साथ ही सरकारी खरीद आरंभ कर दी गई है। फिलहाल धान में नमी की मात्रा अधिक है। किसान अपनी धान को सुखाकर लाएं, ताकि उनकी फसल को तुरंत खरीद लिया जाए।
-विनीत जैन, डीएफएससी फतेहाबाद।