फतेहाबाद। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की सुविधा के लिए लगाई गई एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी यानि इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नया फैसला लिया है। ईएमटी को अब एंबुलेंस के अलावा डयूटी के दौरान खाली समय में कैजुल्टी, इमरजेंसी वार्ड और लेबर रूम में ड्यूटी करनी होगी। इसको लेकर एनएचएम एमडी की तरफ से प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को निर्देश जारी किए गए हैं।
एमडी एनएचएम की तरफ से जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस, बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस और नियोनिटल केयर एंबुलेंस हैं। इन एंबुलेंस में मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले उपचार देने के लिए ईएमटी तैनात किए गए हैं और इन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसी के चलते अगर अस्पताल में एंबुलेंस मरीज को लाने व ले जाने का काम नहीं कर रही है तो मेल ईएमटी से कैजुल्टी, इमरजेंसी वार्ड और फिमेल ईएमटी से लेबर रूम में काम लिया जाए। इससे ईएमटी की प्रेक्टिस भी बढ़ेगी। संवाद
जिले में 25 एंबुलेंस पर हैं 32 ईएमटी
जिला नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जिले में 25 एंबुलेंस है। इन पर 32 ईएमटी तैनात हैं जबकि नियम अनुसार 45 होने चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने 13 ईएमटी की डिमांड कर रखी है। हालांकि 25 एंबुलेंस पर 68 चालक नियुक्त है।
कोट
जिले के सरकारी अस्पतालों में एंबुलेंस पर ईएमटी तैनात हैं। अगर एंबुलेंस पर कोई कॉल नहीं है तो ईएमटी से इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम और कैजुअल्टी में काम लिया जाएगा। इससे ईएमटी की प्रेक्टिस बढ़ेगी और समय का भी सदुपयोग होगा।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन