फतेहाबाद। गुलाबी व बीपीएल राशन कार्ड धारकों के परिवारों की अब ई-केवाईसी होगी। सरकार जानना चाहती है कि जो लोग राशन ले रहे हैं क्या वह परिवार में अभी भी शामिल हैं या नहीं। इसके लिए राशन डिपु धारकों को अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर पीओएस मशीन से राशन वितरण करने को कहा गया है।
वहीं फतेहाबाद में अभी तक राशन डिपु धारकों ने ई-केवाईसी का कार्य आरंभ नहीं किया है। उनका कहना है कि इसके लिए उनको अलग से मानदेय मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार के आदेशानुसार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड धारकों की संख्या जानने के लिए सत्यापन करने का कार्य राशन डिपु धारकों को सौंपा है। राशन डिपु धारकों को आदेश दिए गए हैं कि वह इस बात की जानकारी दर्ज करे कि जो लोग राशन ले रहे हैं क्या उनके परिवार के सभी सदस्य मौजूद हैं। अगर ऐसा नहीं है तो जो लोग नहीं हैं, उनके नाम के राशन में कटौती की जाएगी। ज्ञात रहे कि सरकार द्वारा गरीब परिवारों को मुफ्त मोटा अनाज दिया जाता है। वहीं डिपुओं पर 10 रुपये प्रति किलोग्राम चीनी व 40 रुपये में 2 लीटर सरसों का तेल दिया जाता है।
जानकारी के अनुसार अधिकांश कार्ड धारकों ने बेटियों के नाम शादी के बाद भी नहीं हटवाए हैं। वहीं कुछ लोगों ने परिवार के सदस्य की मौत होने के बाद भी नाम नहीं हटवाया है। जिन कार्ड धारकों ने आधार से ई-केवाईसी नहीं कराई, वह खाद्य सामग्री से भी वंचित रहेंगे।
हमने अभी जिले में राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी आरंभ नहीं की है। राशन वितरण में ही इतना समय लग जाता है, क्योंकि हमारे पास पीओएस मशीन 2-जी सिम की है। जिससे पहले ही राशन देने में समय लगता है। सरकार का दबाव है कि राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी की जाए, इसमें और अधिक समय लगेगा। या तो सरकार हमें इसके लिए अलग से मानदेय दे अथवा सीएससी सेंटरों को यह काम सौंप दे। हमारी लंबे समय से यह मांग है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
शीशपाल गोदारा, प्रदेशाध्यक्ष फेयर प्राइस शॉप फेडरेशन, हरियाणा
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सरकार के आदेशानुसार राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी करवाई जानी है, ताकि पता चल सके कि जो लोग राशन ले रहे हैं, वह सच में उस घर के सदस्य हैं। ई-केवाईसी से राशनकार्ड से जुड़े सदस्यों की सही संख्या का लेखा जोखा पारदर्शी हो सकेगा।
विनीत जैन, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद