फतेहाबाद। भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति की ओर से 13 मार्च को फतेहाबाद में 2 घंटे तक लघु सचिवालय के घेराव की घोषणा के चलते प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए थे। वहीं, दूसरी ओर बुधवार को ही केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का कार्यक्रम फतेहाबाद में घोषित हो गया। हालांकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लघु सचिवालय में पुलिस बल को तैनात कर दिया था और किसानों नेताओं से बात जारी रखी। किसानों ने प्रशासन के आग्रह को मान लिया और धरना स्थल पर ही अपना ज्ञापन सौंपा।
फतेहाबाद में अयाल्की के पास पिछले एक माह से दिल्ली कूच को लेकर धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति ने ऐलान किया था कि 13 मार्च को किसानों को बाढ़ का मुआवजा दिलवाने, ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की गिरदावरी, किसानों को 2022 से 2023 का फसली मुआवजा न देने को लेकर 2 घंटे तक उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बुधवार को अयाल्की में धरने पर किसान एकत्रित हो भी होने लगे थे। इस बीच फतेहाबाद के केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का कार्यक्रम हो गया और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए समस्या पैदा हो गई। प्रशासनिक अधिकारी मंगलवार रात से ही किसान नेताओं के संपर्क में थे। इस बीच फतेहाबाद के लघु सचिवालय में पुलिसकर्मियों को भी तैनात कर दिया गया।
बातचीत के बाद आखिरकार किसान मान गए और तय हुआ कि अयाल्की पर चल रहे किसानों के धरने पर ही प्रशासनिक अधिकारी पहुंचेंगे और ज्ञापन लेंगे। इसके बाद दोपहर को एसडीएम राजेश कुमार व डीएसपी जयपाल पुलिस फोर्स सहित माैके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया। इस अवसर पर एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रशासनिक तौर पर किसानों की जो मांगे हैं, उनको सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। वहीं जो मांगे सरकार लेवल की हैं, उनको सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। इस दौरान किसानों ने एसडीएम के समक्ष बाढ़ मुआवजा न मिलने की बात रखी। उन्होंने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान दर्ज होने के बावजूद भी किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल रहा है। हर गांव में 4 या 5 लोगों को ही मुआवजा मिल रहा है। इस पर एसडीएम ने कहा कि ई-क्षति पूर्ति पोर्टल पर जिन किसानों के नाम हैं, उनको मुआवजा राशि वितरित की जा रही है।
-
किसानों की मांगे न मानने वाले आज हाशिए पर
भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति के जिला प्रधान राजविंद्र चहल ने कहा कि किसानों की मांगों को दरकिनार करके उनको खालिस्तानी कहने वाले लोग आज हाशिए पर आ गए हैं। सीएम मनोहर लाल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि अपने आप को किसान हितैषी कहकर वोट लेकर किसानों की पीठ में छुरा घोंपने वाली जजपा पार्टी को भाजपा ने ही बेदखल कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी हमारी जंग समाप्त नहीं हुई है, गांव-गांव जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ एक मुहिम छेड़ी जाएगी और जब तक एमएसपी व किसानों की अन्य मांगों को नहीं माना जाता, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आग्रह किया था कि ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर सवार होकर लघु सचिवालय आने के बजाए किसान अपनी मांगें धरना स्थल पर ही सुना दें। लघु सचिवालय में व्यवस्था बिगड़ने व जनहित को देखते हुए हमने प्रशासन की मांग मान ली और प्रशासन के उनके द्वार पर आकर ज्ञापन लेना पड़ा। 15 जनवरी को धरना स्थल पर दिवंगत शुभकरण की कलश यात्रा आएगी और इसके बाद धरना समाप्त करके गांव-गांव का दौरा किया जाएगा। 21 मार्च से खनौरी में किसान धरना देंगे।
राम जाट, प्रदेश प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन, खेती बचाओ संघर्ष समिति।