जिला मुख्यालय के खेल स्टेडियम में खेलते स्कूली बच्चे। फाइल फोटो
फतेहाबाद। जिले के सरकारी स्कूलों में पिछले चार वर्षों से खेल सामग्री नहीं पहुंची है जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों, विद्यार्थियों में निराशा है। प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल रहे जबकि सरकार खेल प्रोत्साहन के बड़े दावे करती रही है।
जिले के प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान अब लगभग औपचारिकता बनकर रह गए हैं। अभ्यास के दौरान फुटबाल, कबड्डी मैट, एथलेटिक्स किट, वॉलीबाल नेट और वुशू जैसे खेलों का जरूरी सामान उपलब्ध नहीं होने से नियमित तौर पर प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है।
शिक्षा विभाग ने कुछ समय पहले जिले के सभी स्कूलों से खेल सामग्री की आवश्यकता सूची मंगाई थी। स्कूलों ने अपने स्तर पर विभिन्न खेलों से जुड़ी जरूरतों का पूरा विवरण तैयार कर विभाग को भेज दिया था। इसके बावजूद लंबे समय से कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई। चार साल बीतने के बाद भी न बजट स्वीकृत हुआ और न ही सामग्री खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
बजट और मंजूरी का इंतजार
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले से डिमांड भेज दी गई थी, लेकिन ऊपर से बजट जारी होना उनके हाथ में नहीं है। नियमों के मुताबिक, एक निश्चित राशि से अधिक की खरीद के लिए मुख्यालय की अनुमति अनिवार्य होती है। बार-बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद, उच्च स्तर से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
स्कूलों में खेल के सामान के बारे में जो भी मांग की गई थी उसे मुख्यालय के पास भेज दिया गया है। मुख्यालय की ओर से जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
- अनूप कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी खेल, फतेहाबाद।