फतेहबाद। शहर की गलियों से गुजर रहे है तो थोड़ा संभल कर चलें, खासकर उस समय जब आप वाहन लेकर गुजर रहे है, क्योंकि प्रशासन की लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है। शहर के मुख्य रोड से लेकर गलियों में कई सीवरेज के ढक्कन खुले पड़े है।
यही नहीं कई जगह तो सीवरेज के मैनहोल सड़क से डेढ़ से दो फीट तक ऊंचे बने हुए हैं। इन ऊंचे उठे और बिना ढक्कन वाले मैनहोल से हादसे होने की आशंका बनी रहती है। अब ठंड शुरू हो चुकी है ऐसे में धुंध में प्रशासन की ये लापरवाही आमजन पर भारी पड़ सकती है। नगर परिषद की ओर से हाल ही में बनाई गई गलियों के निर्माण बाद उनके ढक्कन भी सड़क के लेवल बराबर नहीं रखे गए हैं।
शहर की एमसी कॉलोनी में तो आधी गली में ही सीवरेज चैंबरों का कब्जा है। इस बारे में जब पड़ताल की गई तो कई जगहों पर इनके निर्माण प्रशासन की काफी लापरवाही सामने आई है।
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सरकारी कार्यालय के सामने ही हालात खराब
शहर के हिसार-सिरसा रोड पर पुराना एसडीएम निवास के सामने और जाट धर्मशाला के सामने सीवरेज के चैंबर दो फीट ऊंचे बने हैं। पुराना एसडीएम निवास में सरकारी कार्यालय चल रहे हैं। मुख्य सड़क के किनारे पर ही ये चैंबर बने हैं। पिछले साल यहां पर कार की भिड़ंत होने से हादसा भी हो चुका है।
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नई गली बनी, पर सीवरेज ढक्कन का लेवल सही नहीं
शहर के नहर कॉलोनी में हाल ही में नगर परिषद ने आरसीसी गली का निर्माण करवाया है। यहां पर बने सीवरेज चैंबरों का लेवल सही नहीं है। ढक्कन जमीन से 6 से 7 इंच तक ऊपर है। इस कारण इस क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों को हादसे होने की आशंका बनी रहती है।
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खुले मिले सीवरेज ढक्कन
पड़ताल के दौरान शहर के लाजपत नगर चौक, माजरा रोड, अग्रवाल कॉलोनी में गलियों में सीवरेज के मैनहोल खुले मिले। लाजपत नगर में मैनहोल में आधा ढक्कन ऊपर तो आधा साइड में मिला। माजरा रोड पर ढक्कन टूटा हुआ पाया गया।
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मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। अगर सड़क निर्माण के बाद सीवरेज के ढक्कन सही तरीके से नहीं लगवाए गए हैं तो इन्हें ठीक करवाया जाएगा। संबंधित ठेकेदार से भी इस बारे में जवाब मांगा जाएगा।
-नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद
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अगर कहीं पर ढक्कन टूटे हैं तो उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा। इस बारे में सर्वे भी करवाया जाएगा ताकि कहीं पर हादसा न हो।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग