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पौने दो साल से सांसद दिखीं न गांव बन सका आदर्श

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एक तस्वीर टैंकर से घर की डिग्गी में पानी भरने की..... - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। नेशनल हाईवे पर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर बसा गांव दरियापुर सांसद आदर्श ग्राम योजना में शामिल होने के बाद भी विकास की सीढ़ियां नहीं चढ़ पाया है। यहां पौने दो साल से न सांसद सुनीता दुग्गल दिखी हैं, न ही विकास की योजनाएं सिरे चढ़ पाई हैं। गांव की करीब आधी आबादी पीने के पानी को भी तरस रही है। वार्ड नंबर एक, दो, तीन, चार व पांच में तो सबसे बड़ी समस्या ही पेयजल की कमी है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैं कि सुनने को तैयार ही नहीं है।
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जेई से लेकर एसडीओ तक को समस्या से अवगत करवाने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों हैं। 10 हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव की गलियों में पाइप लाइन डालने के लिए खोदे गए गड्ढे जनस्वास्थ्य विभाग की कारगुजारी की पोल खोल रहे हैं। गांव दरियापुर में विकास की हकीकत जानने संवाददाता ने दौरा किया तो ग्रामीणों ने एक के बाद एक कई समस्याएं बयां कीं। संवाद
निवर्तमान पंच बोले- सांसद ने तो हाईवे के पास बने पैलेस को ही गांव समझ रखा है
हाईवे से गांव की तरफ जाते ही वार्ड नंबर तीन के निवर्तमान पंच बलबीर सिंह की दर्जी की दुकान हैं। बलबीर सिंह व वार्ड दो के निवर्तमान पंच गुरमीत सिंह ने बताया कि पौने दो साल में कोरोना काल और किसान आंदोलन के बाद से तो सांसद सुनीता दुग्गल गांव में ही नहीं आई हैं। अब तो सांसद ने सिर्फ हाईवे के पास बने अपने समर्थक के एक पैलेस को ही गांव मान रखा है। जब भी आती हैं, सिर्फ वहीं तक आकर लौट जाती हैं। पानी की समस्या बताने के लिए पांच-छह बार सांसद से मिले, हर बार पीए से ही मिलने को कह देतीं। बाद में पीए भी टरका देता है।
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पांच महीने से गांव की गलियों में पड़ी हैं पेयजल की पाइपें
ग्रामीणों ने बताया कि एक करोड़ 75 लाख रुपये उनके गांव के लिए आए थे। इन रुपयों से गांव के जलघर में सुधार होना था और गलियों में पाइप लाइन डलनी थी। मगर पांच महीने से गलियों में ही पाइपें लावारिस हालत में पड़ी हुई हैं। कहीं गड्ढे खोदकर छोड़ दिए हैं, तो कहीं पाइप ही नहीं डाली है। काम पूरा नहीं होने से इस राशि का कोई लाभ नहीं मिल पाया है।
जगह-जगह पाइप लीकेज होने के कारण अंतिम छोर तक नहीं पहुंचता पानी
ग्रामीण बताते हैं कि नहर से जलघर तक पानी पहुंचाने वाली लाइन में लीकेज है। फिर घरों में सप्लाई वाली लाइन भी जगह-जगह लीकेज है। इस कारण पेयजल सप्लाई छोड़ने पर गलियों में पानी भर जाता है। मगर अंतिम छोर पर बसे घरों तक पानी नहीं पहुंचता है। ग्रामीणों के अनुसार 500 से ज्यादा घरों में पीने का पानी टैंकरों से मंगवाना पड़ता है। लीकेज होने से काफी घरों में तो गंदा पानी आता है।
10 करोड़ से बने एस्ट्रोटर्फ की भी नहीं ली गई सुध
कांग्रेसराज में करीब 10 करोड़ रुपये से बने फुटबाल एस्ट्रोटर्फ की भी भाजपा शासन में कोई सुध नहीं ली गई। एस्ट्रोटर्फ बनने के बाद वहां कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ है और न ही खिलाड़ियों को पूरी सुविधा मिल पाई है। इस कारण खिलाड़ियों में भी निराशा है।
गांव की आबादी - 10 हजार से अधिक
गांव में मतदाता - 4 हजार
कोट
जितनी ज्यादा दूर घर, उतना महंगा टैंकर का खर्च
गांव दरियापुर में सबसे बड़ी समस्या ही पीने के पानी की है। टैंकर मंगवाकर डिग्गी भरते हैं, पेयजल सप्लाई से तो कभी डिग्गी भर ही नहीं सकते। जितना ज्यादा दूर घर, उतना ही महंगा टैंकर मिलता है।
बलबीर सिंह, निवर्तमान पंच, दरियापुर।
जलघर की कभी सफाई ही नहीं हुई
जलघर के टैंकों में गाद जमी हुई है। पाइप लाइन जगह-जगह से लीकेज है। जलघर की कभी सफाई ही नहीं हुई। पांच-छह बार सांसद सुनीता दुग्गल से मिले, लेकिन हर बार पीए को बताने की कह देती हैं।
गुरमीत सिंह, निवर्तमान पंच, दरियापुर।
महिलाओं को कूड़ा डालने की जगह भी नहीं
गांव में महिलाओं को कूड़ा डालने की जगह नहीं मिलती है। कचरा एकत्रित करने के लिए मिली रिक्शा में तो बच्चे घूमते हैं। मानसून बीत चुका है, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के नाले गंदगी से भरे पड़े हैं।
राजकुमारी, निवर्तमान पंच, दरियापुर।
12 इंच पाइप लाइन में तीन इंच ही पानी चलता है
लीकेज के हालात ऐसे हैं कि गांव में 12 इंच पाइप लाइन में सिर्फ तीन इंच ही पानी चलता है। जेई तो फोन तक नहीं उठाता। 300 से 700 रुपये तक में टैंकर मिलते हैं, तब लोग पानी पी पाते हैं।
बलदेव सिंह, निवासी, गांव दरियापुर।
सीएम विंडो भी लगाकर थक चुके
गांव में चार साल से पानी के पानी की समस्या बनी हुई है। अधिकारियों को शिकायत देने से लेकर सीएम विंडो तक लगा ली, लेकिन कोई समाधान नहीं। एक करोड़ 75 लाख का टेंडर हुआ है, उसमें भी गोलमाल कर रहे हैं।
- कमल कुमार, निवासी, गांव दरियापुर।
लिंक रोड हो चुका है बदहाल
दरियापुर से अहलीसदर-हिजरावां जाने वाला लिंक मार्ग पूरी तरह बदहाल हो चुका है। पानी निकासी व्यवस्था भी ठप है। सांसद आदर्श ग्राम योजना में गांव शामिल होने के बाद भी हालात नहीं बदल रहे हैं।
- बाबूलाल, निवासी, गांव दरियापुर।
सत्ता पक्ष को हाल तो देखने चाहिए
सांसद हमारे गांव में मुश्किल से दो बार आई हैं। एक बार तो भाजपा कार्यकर्ताओं की सिर्फ बैठक ली थी। सांसद आदर्श ग्राम योजना में शामिल गांव के लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। सत्ता पक्ष को हाल तो देखने चाहिए।
- देशराज, निवासी, गांव दरियापुर।
योजना में शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ा
गांव दरियापुर के सांसद आदर्श ग्राम योजना में शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ा है। गांव में परिवहन सुविधा, शिक्षा व्यवस्था पहले से ही ठीक है। मगर सफाई व्यवस्था बदहाल है।
जयचंद, निवासी, गांव दरियापुर।
कोट
गांव की पेयजल संबंधी समस्या मेरे संज्ञान में हैं। गांव में दो गुट बने हुए हैं, इस वजह से बूस्टिंग का काम प्रभावित हो रहा है। सांसद निधि से 1 करोड़ 75 लाख रुपये भी गांव के लिए जारी किए गए हैं। बाकी समस्याओं का भी समाधान करवाएंगे।
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- सुनीता दुग्गल, सांसद, लोकसभा

दूसरी तस्वीर.... गांव दरियापुर में लीकिज के कारण सड़क पर भरा पानी, जिससे सड़क भी टूट गई है।- फोटो : Fatehabad

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