पुलिस ने कोर्ट के आदेश व अनाजमंडी की फर्म मेसर्ज ओमप्रकाश सुभाषचंद्र के मालिक ओमप्रकाश की याचिका पर ओमप्रकाश की दूसरी पत्नी के बेटे विक्रम और बैंक कर्मचारी शैफाली सचदेवा के विरुद्ध धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
आढ़ती ओमप्रकाश ने दी शिकायत में बताया कि वह बादलगढ़ का निवासी है। पहली पत्नी की मौत के बाद उसने तलवाड़ा निवासी शामलाल की बेटी रंजू रानी से दूसरी शादी की। शादी के वक्त रंजू का उसके पहले पति से एक बेटा विक्रम मेहता है, जो अपने नाना-नानी के साथ रहता था। विक्रम के एजुकेशनल रिकॉर्ड और आधार कार्ड में पिता के नाम के कॉलम में उसके नाना का नाम शामलाल दर्ज था। शादी के कुछ साल बाद ओमप्रकाश को हार्ट की दिक्कत हुई तो विक्रम सौतेले पिता ओमप्रकाश से मिलने आने लगा। इस बीच विक्रम के नाना-नानी की भी मौत हो गई। वह अक्सर मां से मिलने रतिया व बादलगढ़ आने लगा। ओमप्रकाश के बीमार पड़ने पर विक्रम ने धीरे-धीरे ओमप्रकाश का बिजनेस संभालना शुरू दिया और बैंकों से लेनदेन करने लगा। आरोप है कि विक्रम ने अपने सौतेले पिता के मोबाइल में ऐसा सॉफ्टवेयर इंस्टाल कर दिया जिससे बैंक से होने वाले लेनदेन के सभी मैसेज विक्रम के मोबाइल पर आते थे। ओमप्रकाश को इस फ्रॉड का उस समय पता चला, जब वह जेबी राइस मिल के चेक की 4 लाख की रकम लेने बैंक गया। वहां पता चला कि उसकी तरफ से यह रकम विक्रम ने निकाल ली है। पड़ताल करने पर सामने आया कि कोटक महेंद्रा बैंक ने ओमप्रकाश के नाम से बैंक अकाउंट खोल रखा है, जबकि ओमप्रकाश ने कभी इस बैंक में खाता खुलवाया ही नहीं था। ओमप्रकाश के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर खाता खोला गया। विक्रम फर्जी तरीके से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा रुपये निकलवा चुका है। आरोप है कि मंडी की दुकान के मुनीम भजन सिंह को जब विक्रम पर शक हुआ और उसने बैंक जाकर जांच पड़ताल शुरू की। तब विक्रम ने भजन सिंह पर हमला करवाकर उसे घायल कर दिया। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ। ओमप्रकाश के हाथ विक्रम और एचडीएफसी बैंक कर्मचारी शैफाली की मोबाइल चैट भी लगी, जिसमें वह विक्रम को बैंक में हो रही सभी गतिविधियों की जानकारी दे रही है। ओमप्रकाश का आरोप है कि शैफाली व विक्रम ने मिलकर उसके साथ ढाई करोड़ का धोखा किया है।