फतेहाबाद। लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने शुक्रवार को एक घंटे तक लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद करके रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद किसान लघु सचिवालय के अंदर गए और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। उपायुक्त अजय तोमर के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसान मोर्चा के संयोजक जगतार सिंह ने किया।
16 अगस्त से संयुक्त किसान मोर्चा के बैनरतले किसान लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को मांगें न माने जाने पर किसानों ने लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद कर दिए और जोरदार नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक किसानों ने लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद रखे और नारेबाजी करते रहे। इसके बाद किसान गेट खोलकर लघु सचिवालय के अंदर पहुंचे। इससे पहले, गेट पर एसडीएम किसानों से मिले और ज्ञापन लेने पहुंचे। मगर, किसानों ने कहा कि जिले के उपायुक्त ने पदभार संभाला है और उनसे बहुत उम्मीद है। हम ज्ञापन उपायुक्त को ही देंगे। इसकी सूचना मिलने के बाद उपायुक्त अजय तोमर ने किसानों को बुलाकर ज्ञापन लिया और कहा कि मैं बहुत जल्दी किसानों के साथ बैठक करूंगा।
इससे पहले, प्रदर्शन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक जगतार सिंह ने बताया कि किसान मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और जिले की सांसद सुनीता दुग्गल और फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक दुड़ाराम, रतिया से लक्ष्मण नापा, टोहाना के विधायक एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के आवासों का घेराव कर चुके हैं। इसमें विधायकों की तरफ से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल पाया। 31 अगस्त को दुड़ाराम के आवास के घेराव के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि आप मुझे सिर्फ 15 दिनों का समय दीजिए, मैं आप सभी के खातों में मुआवजा राशि डलवा दूंगा। मगर, 22 दिन बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है।
राष्ट्रीय आपदा घोषित कर बाढ़ राहत के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करे सरकार
किसानों ने डीसी को ज्ञापन देकर केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, बाढ़ राहत के लिए विशेष राहत पैकेज जारी किया जाए। निचले इलाकों में भरे बाढ़ व बारिश के पानी को निकालने के तुरंत इंतजाम किए जाएं, ताकि किसान कोई न कोई फसल लगाकर अपना जीवन गुजारा शुरू कर सकें। बाढ़ व जलभराव से खराब फसलों की तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए। मुआवजा व बीमा क्लेम बिना शर्त 50 हजार रुपये प्रति एकड़, जहां फसलें दोबारा रोपाई हुई है, उन किसानों को प्रति एकड़ 30 हजार रुपये प्रति एकड़ दिया जाए। पोर्टल की अनिवार्यता खत्म की जाए। इस वर्ष सूखे से बर्बाद फसलों, गुलाबी सुंडी से खराब नरमा की स्पेशल गिरदावरी की जाए मुआवजा दिया जाए।
फतेहाबाद लघु सचिवालय के मैन गेट को बंद करके प्रदर्शन करते किसान