केंद्रीय आवास, शहरी मामलों तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस में 2500 लोग टिकट मांग रहे थे। एक-एक सीट पर 35 से 40 दावेदार थे। आखिरी समय पर 89 लोगों को तो टिकट दे दी। मगर बाकी लोग अंदरखाते भाजपा की मदद कर रहे हैं। कुछ खुलकर भी साथ आए हैं। हो सकता है कि फतेहाबाद में चार-पांच मदद कर रहे हों। कांग्रेस ने जिन 89 लोगों को टिकट दी है, उसमें से कई अपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं। एक तो दो दिन पहले तक जेल में था। कई ईडी के शिकंजे में आए हुए हैं। कई लोगों पर दर्जनों केस बने हुए हैं।
वे मंगलवार शाम को फतेहाबाद के भूना मोड़ स्थित भाजपा चुनावी कार्यालय में कार्यकर्ताओं व सामाजिक लोगों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने 58 साल तक हमेशा इतिहास दोहराया है। केंद्र में जिसकी सरकार होती है, उसी की सरकार प्रदेश में बनती है। प्रदेश की समझदार जनता इस बार भी वही इतिहास दोहराएगी।
कांग्रेस शासित प्रदेशों में तो केंद्र सरकार की योजनाएं लागू नहीं कर रहे हैं। इसलिए जनता मन बना चुकी है कि केंद्र की तरह हरियाणा में तीसरी बार भाजपा सरकार बनेगी, जिसका नेतृत्व नायब सिंह सैनी करेंगे।
उन्होंने कहा कि पहले की सरकार में रेहड़ी, फड़ी वालों से पैसे वसूल जाते थे। मासिक हफ्ते की वसूली होती थी। नौकरियां देने के लिए भी रिश्ते करवाए जाते थे। अधिकारियों की हर सीट की कीमत होती थी। थानों में एसएचओ लगने के लिए भी लाखों रुपये की बोलियां लगती थी।
पहले नौकरियां भी बिकती थी। मगर गांवों में बिना पर्ची-बिना खर्ची की बात सिर चढ़कर बोल रही है। दस साल का पिछली सरकार का कार्यकाल और हमारे दस साल के कार्यकाल का अंतर करेंगे, तो हम भारी पड़ेंगे।
फतेहाबाद में एक लाख 30 हजार वोट का लक्ष्य लेकर चलना होगा
मनोहर लाल ने फतेहाबाद विधानसभा सीट के गणित को समझते हुए पूछा कि यहां कितने उम्मीदवार मुकाबले में हैं और कुल मतदाता कितने हैं। इस पर उन्हें बताया गया कि चार-पांच उम्मीदवार हैं जबकि मतदाता 2,60,000 हैं। इस पर मनोहर लाल ने कहा कि चार उम्मीदवार हैं, तो 65 हजार वोट लेने बनते हैं। मगर दो में ही मुकाबला है, तो एक लाख 30 हजार वोट लेने का लक्ष्य लेकर चलना होगा। यह तब हो पाएगा, जब हर घर में हर कार्यकर्ता जाना शुरू करेगा। दस साल पुरानी और आज के हालात घरों में जाकर बताने हैं कि उस समय धींगामस्ती की सरकार चलती थी। कोई योजना का लाभ लेने लाइन में लगता था, तो धक्के खाने पड़ते थे। बाबू के पास पहुंचते थे, तो जाति देखी जाती थी।
माथा देखकर तिलक लगाने के निर्देश होते थे। जाति के आधार पर समाज को बांटने का प्रयास किया जाता था। जब तक नरेंद्र मोदी जिंदा है, आरक्षण को कोई खत्म नहीं कर सकता है। राहुल गांधी से लोकसभा में जाति पूछी तो उन्होंने कह दिया नहीं पूछ सकते। फिर आम लोगों की जाति क्यों पूछ रहे हैं। छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर हर बूथ में टोली बनाकर जाएं। इस मौके पर निवर्तमान विधायक दुड़ाराम, चेयरमैन वेद फुलां, भारतभूषण मिड्ढा, स्वामी सुमेधानंद, राजीव बतरा, राधाकृष्ण नारंग सहित काफी लोग उपस्थित रहे।