फतेहाबाद। जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद भूना में बुधवार को पांचवें दिन भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर की 50 फीसदी आबादी अभी भी बाढ़ की चपेट में है, सड़कों और घरों में चार फुट तक पानी भरा हुआ है। वार्ड नंबर 11 व 12 में हालात सबसे अधिक खराब है। मॉडल टाउन क्षेत्र के करीब 450 परिवार घरों पर ताला जड़कर अपने रिश्तेदारों के घर शरण लिए हुए हैं।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को अधिक परेशानी हो रही है। सात व आठ माह की गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार की आवश्यकता है और साथ ही दवाओं की। हिसार रोड पर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली आठ माह की गर्भवती 20 वर्षीय काजल बीमार चल रही है। उसके साथ रहने वाली नैना ने बताया कि काजल बीमार है।अभी तक दवा का प्रबंध नहीं हो पा रहा है। प्रशासन से भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। वहीं, हिसार रोड पर जहां चार-चार फुट पानी भरा है। पीने का पानी खत्म होने पर लोगों को अग्रसेन सभा से कैंपर भरकर पानी लाना पड़ रहा है। हालांकि घरों में टैंकर व कैंपरों के माध्यम से पानी भेजा जा रहा है, लेकिन यह उनके लिए नाकाफी है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के रमेश ने बताया कि कई बार तो पानी के कैंपर लेने के लिए लोगों में झगड़े भी हो जाते हैं।
शरण लेने वालों में 450 संपन्न परिवार भी
मॉडल टाउन के संपन्न परिवार भी इस आपदा के सामने बेबस नजर आए हैं। यहां पर 450 लोग अपने घरों पर ताला लगाकर हिसार व सिरसा अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। प्रशासन की ओर से भोजन पानी के लिए दो कैंप लगाए गए हैं, यहां लोग भोजन तो कर रहे हैं, लेकिन वापस अपने घर चले जाते हैं।
ट्रैक्टर व किश्तियां बनीं आवागमन का विकल्प
भूना के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में ट्रैक्टर व प्रशासन द्वारा चलाई जा रही किश्तियां ही यहां के लोगों के लिए आवागमन का सहारा बनी हुई है। हिसार रोड पर मॉडल टाउन एरिया के पास पांच फुट तक पानी है। ऐसे में यहां के लोगों को शहर के दूसरे भाग में आने के लिए ट्रैक्टरों व किश्तियों पर ही आश्रित होना पड़ रहा है।
रिश्तेदारों से भोजन के लिए लगा रहे गुहार
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हिसार रोड पर लोग अपने रिश्तेदारों को भी फोन करके भोजन आदि का प्रबंध करने को कह रहे हैं। बुधवार को जब टीम हिसार रोड पर थी तो यहां पर कुलां से गुरमीत, बिंद्र व कालू अपने रिश्तेदार महेंद्र के घर भोजन पहुंचाने के लिए आए हुए थे। उन्होंने बताया कि महेंद्र का फोन आया था कि घर में आवश्यक वस्तुएं समाप्त हो गई हैं। इसलिए वह पानी में ही चलकर उनको भोजन पहुंचाने आए हैं।
ये वार्ड हैं सबसे अधिक प्रभावित
भूना का वार्ड नंबर-7 जिसमें श्मशान घाट व वार्ड नंबर-आठ का कुछ इलाका, वार्ड नंबर-11 व 12 जिसमें मॉडल टाउन शामिल है तथा वार्ड 13 से 15 तक भारी जलभराव बना हुआ है।
एसटीपी व चंद्रावल नहर के बाद अब हिसार रोड में छोड़ा जा रहा पानी
शहर में हिसार रोड से पानी निकालने को लेकर प्रशासन की ओर से एसटीपी व चंद्रावल नहर के बाद अब हिसार रोड पर पानी निकालना आरंभ कर दिया गया है। शहर में ड्रेन के माध्यम से चंद्रावल नहर व एसटीपी तक पानी जा रहा है। वहीं, हिसार रोड पर भी नहर में पाइप के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है। शहर में प्रशासन ने 16 इलेक्ट्रिक व डीजल पंप सेट लगाए हैं। डीसी जगदीश शर्मा के अनुसार, तीनों स्थानों पर प्रतिदिन 29 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
पांच गांवों के ग्रामीण भी बने मसीहा
भूना में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में भोजन पहुंचाने के लिए गांव ढाणी गोपाल, ढाणी भोजराज, ढाणी सांचला, सिंथला व खासा पठाना के ग्रामीण मसीहा बनकर उभरे हैं। इन गांवों के ग्रामीण पिछले तीन दिनों से लोगों के लिए भोजन, लस्सी, दूध व पानी का इंतजाम कर रहे हैं।
अब तक 471 लोग करवा चुके हैं नुकसान की शिकायत
भूना कस्बे में बाढ़ के हालातों के बीच प्रशासन ने कॉलेज में हेल्पलाइन सेंटर खोला है। यहां पर बारिश के पानी से हुए नुकसान की शिकायतें ली जा रही है। डीसी जगदीश शर्मा ने बताया कि अब तक 471 शिकायतें मिल चुकी हैं। मदद के लिए भी प्रतिदिन 100 के करीब कॉल आ रही हैं। लोगों को राशन, भोजन, दूूध व पानी भेजा जा रहा है।
पानी निकासी में क्यों आ रही परेशानी
भूना में पानी ज्यादा भरा है, जबकि प्रशासन के पास पानी निकालने के संसाधन कम हैं।
शहर की सीवरेज लाइन ब्लॉक, बरसाती नाला भी नहीं बना हुआ है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसटीपी प्लांट पर 10 क्यूसेक पानी निकाल रहा है।
इतनी भारी मात्रा में जलभराव पहले न होने के कारण आ रही परेशानी।
कोट
भूना में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई थी, जिसके चलते कोई बड़े प्रबंध यहां नहीं किए गए। आगे से इस बात का ध्यान रखा जाएगा और मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। फिलहाल कई इलाके जलमुक्त हो गए हैं और प्रतिदिन पानी निकाला जा रहा है। दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-जगदीश शर्मा, उपायुक्त, फतेहाबाद
भूना के हिसार रोड पर जलभराव में से ट्रैक्टर लेकर जाता चालक।- फोटो : Fatehabad
भूना में लोगों को किश्तियों पर बैठाकर ले जाते कर्मचारी।- फोटो : Fatehabad