फतेहाबाद। कायाकल्प योजना के तहत नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए सोमवार को स्टेट की टीम पहुंची। टीम के आने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को पहले से मिल गई थी। स्टेट से आई टीम को निरीक्षण में ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर इमरजेंसी वार्ड में खामियां मिली। टीम ने ड्यूटी कर रही स्टाफ नर्सों से भी उपचार को लेकर सवाल-जवाब किए लेकिन कई सवालों का जवाब नहीं दे पाई। टीम ने नागरिक अस्पताल में मिली कमियों के मोबाइल में फोटो भी लिए। करीब 12 बजे पहुंची स्टेट की टीम ने एसएमओ कार्यालय में बैठकर करीब डेढ़ घंटे तक दस्तावेजों की जांच की। टीम ने अस्पताल का निरीक्षण शुरू किया।
दस्तावेजों की जांच के बाद करीब डेढ़ बजे टीम ने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर से निरीक्षण शुरू किया। यहां पर कर्मचारियों के पास आई कार्ड नहीं मिले। टीम ने पूछा तो कर्मचारी बोले की उन्हें मिले नहीं हैं। ओपीडी काउंटर कक्ष में छत गंदी मिलने पर टीम ने फोटोग्राफ लिए। इसके बाद टीम इमरजेंसी वार्ड में पहुंची। यहां लिस्ट में शामिल पूरी दवाइयां नहीं मिली। टीम ने माइनर ओटी में स्टाफ नर्स से यंत्र चलवा कर देखे। यहां पर एक ही पंखा लगा होने और वह भी गंदा मिलने पर टीम ने नाराजगी दिखाई। टीम ने निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में तैनात स्टाफ नर्सों से सवाल-जवाब किए। कई सवालों के स्टाफ नर्स जवाब नहीं दे पाई। टीम में हिसार से एसएमओ डॉ. मुकेश तथा जिला क्वालिटी एसेसमेंट अधिकारी डॉ. हरप्रीत शामिल रहे।
अधिकारी बोले- मेडिसिन टेबल क्यों नहीं
अस्पताल में निरीक्षण के दौरान टीम ने इमरजेंसी में मेडिसिन टेबल न होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों से सवाल पूछे। अधिकारियों ने कहा कि दवाइयों के लिए इमरजेंसी में टेबल होनी चाहिए ताकि बेड तक उसमें दवाई रखकर ले जा सकें। स्टाफ नर्सों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह हाथ में ही मेडिसिन ले जातीं हैं।
कई दस्तावेजों में मिली खामियां
टीम ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में करीब डेढ़ घंटे तक रिकार्ड की जांच की। अस्पताल से संबंधित रिकॉर्ड मंगवाया गया। इस दौरान नोडल अधिकारी डॉ. हमेश बंसल भी साथ रहे। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद था। टीम में शामिल डॉ. हरप्रीत ने कहा कि कुछ दस्तावेजों में कमी मिली हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए कहा गया है।
अंतर जिला निरीक्षण में मिल चुके हैं 70 फीसदी से अधिक अंक
नागरिक अस्पताल का जींद से आई अंतर जिला टीम ने 17 जुलाई को निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम ने निरीक्षण के बाद नागरिक अस्पताल को 70 फीसदी से अधिक अंक दिए थे। 70 फीसदी से अधिक अंक मिलने पर अब राज्य से टीम निरीक्षण के लिए आई हैं। अगर राज्य की टीम भी 70 से अधिक अंक देती है तो नागरिक अस्पताल को कायाकल्प योजना के तहत 50 लाख रुपये मिल सकते हैं।
कायाकल्प योजना के तहत अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इससे पहले दस्तावेजों की जांच की गई। दस्तावेजों में कुछ कमियां मिली। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में वैसे व्यवस्था ठीक थी लेकिन कुछ कमियां मिली। इस बारे में स्टाफ को बता दिया गया है।
- डॉ. हरप्रीत, जिला क्वालिटी एसेसमेंट अधिकारी (स्टेट टीम)
नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करती कायाकल्प टीम। संवाद- फोटो : Fatehabad