नगर परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रॉपर्टी आईडी को लेकर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले की जांच शुरू हो गई है। मामले की जांच एसडीएम कुलभूषण बंसल को सौंपी गई है। जांच में शामिल होने के लिए एसडीएम ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरविंद बाल्यान, एक्सईएन अमित कौशिक, पालिका अभियंता सुमित चोपड़ा, मुख्य लिपिक जगदीश चंद्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर हिमांशु, कंप्यूटर ऑपरेटर रवप्रीत उर्फ मिट्ठू, सेवादार अमित शर्मा को रिकॉर्ड के साथ अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
मामले में शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार, नरेश बजाज, राजेंद्र चौधरी, कृष्ण कुमार और अन्य लोगों को भी रिकॉर्ड के साथ जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। मामले के मुताबिक पिछले माह नगर परिषद कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर विवाद हो गया था। नगर परिषद कार्यालय में एमई सुमित चोपड़ा, जेई कौशल, सेवादार अमित शर्मा के साथ हाथापाई हुई थी। मामले में मारपीट करने के आरोप में राजेंद्र चौधरी, सुभाष पपीया व कृष्ण नैन के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। मामले में तीन दिन बाद दोनों पक्षों के बीच लोकसभा संसदीय निगरानी समिति संयोजक भारत भूषण मिढा ने समझौता करवा दिया था। इस मामले में नगर परिषद में भ्रष्टाचार को लेकर जांच की मांग रखी गई थी।
शिकायत लेकर सीएम हाउस पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
प्रॉपर्टी आईडी को लेकर भ्रष्टाचार का मामला गर्माता जा रहा है। सोमवार देर शाम को फतेहाबाद से एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचा लेकिन सीएम से नहीं मिल पाए। इसके बाद वहां पर मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव वी उमाशंकर व ओएसडी भूपेश्वर दयाल के साथ बैठक हुई। बैठक में नगर परिषद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रॉपर्टी आईडी, ब्लड रिलेशन में आईडी, एसेसमेंट, नाम बदलवाने और कमेटी में भ्रष्टाचार का मुद्दा रखा। शिष्टमंडल को मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जाएगी और जल्द नगर परिषद में बदलाव होगा। शिष्टमंडल का प्रतिनिधित्व लोकसभा संसदीय निगरानी समिति संयोजक भारत भूषण मिढ़ा ने किया। शिष्टमंडल में भीमसेन आनंद, विजय निर्मोही, राजेंद्र चौधरी, गुलशन रुखाया, चंद्रभान मुंजाल, घनश्याम आनंद, पूर्ण चौधरी, डीपी यादव, सुरेश मिढा, सुभाष पपीया, सुधीर तनेजा, आजाद किनरा व निर्मल शामिल हुए थे।
कोट
जिला नगर आयुक्त कार्यालय से शिकायत आई है। इस संबंध में जांच की जा रही है। इसको लेकर शिकायतकर्ता और नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।
- कुलभूषण बंसल, एसडीएम।