करीब एक माह पहले लगातार चार दिन हुई बारिश ने सड़कों को काफी क्षति पहुंचाई। मगर इस प्राकृतिक आपदा से कहीं ज्यादा बड़ी चुनौती प्रशासनिक अनदेखी रही है। सड़कों पर जगह-जगह इस ढंग से कटाव लग गए कि वहां पर हादसों का खतरा बना हुआ है। व्यवस्था इतनी लचर और लापरवाह है कि उस दिशा में सुधार की भी कोशिश की नहीं गई। करीब एक माह से सड़कों पर खतरनाक गड्ढे सड़कों पर बने हुए हैं, लेकिन उनको दुरुस्त करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हो रहा। हालांकि लोक निर्माण विभाग का कहना है कि उनकी तरफ से काम चल रहा है।
मगर हकीकत ये है कि कुछ गड्ढों को तत्काल भरवाना जरूरी है। सड़कों पर गुजरने वाले वाहन चालकों को दूर से गड्ढ़े दिखाई नहीं देते। अक्सर वाहन चालकों को करीब आने पर पता चलता है कि आगे खतरा है। इसकी वजह से हमेशा हादसों का डर बना रहता है। संबंधित विभाग ने न तो सड़कों को दुरुस्त किया और न ही ऐसी व्यवस्था बनाई कि वाहन चालकों को संभावित खतरे की सूचना मिल जाए। वहां पर कोई चेतावनी बोर्ड आदि भी नहीं लगा रखे। सड़कों पर छोटे-छोटे गड्ढे तो अनगिनत संख्या में हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने बारिश के तत्काल बाद कुछ गड्ढे भरे भी थे, लेकिन ज्यादातर गड्ढे अभी भी बने ही हुए हैं। संवाद
सड़कों पर यहां ज्यादा कटाव
भूना रोड से अशोक नगर की तरफ आने वाली सड़क पर बारिश के बाद से चौड़ा गड्ढा बना हुआ है। यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रात के समय में कोई वाहन इस गड्ढे में गिर सकता है। इसके अलावा मिनी बाईपास की तरफ सेक्टर एरिया में भी काफी कटाव बन चुके हैं। भूना रोड पर फ्लाईओवर के नीचे दो तीन गहरे गड्ढे बने हुए हैं। दूर से वाहन चालकों को पता नहीं चलता। ऐसे में पास आने पर एकदम गाड़ी का टायर गड्ढेे में आकर लगता है। इसी तरह गांव भूथनकलां से झलनियां की तरफ जाने वाले रोड पर दोनों तरफ गहरे गड्ढे खोद कर छोड़ रखे हैं। बताया गया है कि यहां पर पाइप लाइन दबाई जानी है, लेकिन करीब छह महीने से ऐसे ही छोड़ रखे हैं। इस सड़क पर रात के समय हादसों का डर रहता है।
छोटे-छोटे गड्ढों की भरमार
मुख्य सड़कों, लिंक मार्गों, शहरी क्षेत्र में बनी सड़कों पर छोटे-छोटे गड्ढे अनगिनत संख्या में हैं। बारिश के दिनों में सड़कों पर जलभराव के चलते तारकोल उखड़ गई और बजरी बिखर गई। इसके चलते सड़कों की हालत और ज्यादा खराब हो गई। रात के समय वाहन चालकों को सड़कों पर आई दरारें नजर नहीं आती। इस स्थिति में हादसों का भय बना रहता है।
कोट
शहर की खराब सड़कों का जायजा लिया जा रहा है। जल्द ही सड़कों की मरम्मत की जाएगी। जहां कहीं पर खतरनाक कटाव लगा हुआ है तो उसे तत्काल दुरुस्त करवाया जाएगा।
-अरविंद बाल्यान, ईओ, नगर परिषद।
जिले में बारिश के दौरान कुछ सड़कों की हालत खराब हुई है, यह हमारे संज्ञान में हैं। उनमें कुछ ऐसी सड़कें हैं, जिनके टेंडर लगे हुए हैं। जल्द ही इन सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके अलावा रूटीन में गड्ढे भरने का काम भी चलता रहता है। अभी भी काम चल रहा है।
-कृष्ण गोयत, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।
सेक्टर 11 से गुजरने वाली मुख्य सड़क की खराब दशा। - फोटो : Fatehabad