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युवाओं में बढ़ रहा हृदय रोग, एनसीडी जांच में चार फीसदी युवा उच्च रक्तचाप के शिकार

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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में युवक को परामर्थ देते डॉ. मनीष टुटेजा। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। गलत खानपान और व्यायाम न करने से युवा भी उच्च रक्तचाप यानी की हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हो रहे हैं। ये ही कारण है कि युवाओं में हृदय रोग बढ़ रहे हैं। इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उच्च रक्तचाप की जांच को लेकर एनसीडी क्लीनिक अस्पतालों में शुरू किए गए हैं। यहां पर जांच के दौरान युवा उच्च रक्तचाप का शिकार मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल माह में 1605 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 30 पुरुषों और 25 महिलाएं उच्च रक्तचाप का शिकार मिले हैं। इसके अलावा अप्रैल माह में 332 पुराने मरीज उच्च रक्तचाप का उपचार लेने के लिए पहुंचे हैं।
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ये है उच्च रक्तचाप की पहचान
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक एक सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 होता है और यदि ये 140/90 है या फिर उससे ऊपर ज्यादा है तो मरीज उच्च रक्तचाप का शिकार हो रहे हैं। मोटापा, गलत दिनचर्या, जेनेटिक कारणों से भी लोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या होती है। रक्तचाप के बढ़ने पर हृदय पर दबाव पड़ने लगता है।
उच्च रक्तचाप इसलिए है खतरनाक
उच्च रक्तचाप के कारण कई बीमारियां जन्म लेती हैं। उच्च रक्तचाप मरीज को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इससे किडनी के खराब होने एवं अन्य अंगों के खराब होने का खतरा भी बना रहता है।
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उच्च रक्तचाप के ये हैं लक्षण
गंभीर सिरदर्द
थकान
घबराहट
धुंधली दृष्टि
सांस लेने में दिक्कत
कोट
स्वस्थ जीवन शैली का पालन करके अपने उच्च रक्तचाप को सामान्य रख सकते हैं। वजन पर कंट्रोल, सामान्य और पौष्टिक आहार खाना, शारीरिक गतिविधियां बढ़ाना, शराब के सेवन को सीमित करके उच्च रक्तचाप पर कंट्रोल कर सकते हैं। उच्च रक्तचाप मरीज को नमक का सेवन कम करना चाहिए और वसा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।
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-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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