कोरोना महामारी के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू से भी अपने कर्मचारियों को बचाएगा। फील्ड में रहने वाले कर्मचारी स्वाइन फ्लू की चपेट में न आ जाए, इसके लिए उन्हें बचाव का टीका लगाने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले को एचवन एनवन वायरस से बचाने के लिए वैक्सीन अलॉट की है। जिले को 1380 डोज स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने दी है।
ये वैक्सीन पहले चरण में फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को लगाई जाएगी। इसमें एएनएम, आशा वर्कर्स और एमपीएचडब्ल्यू शामिल है। इनके टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रों पर वैक्सीन भेज दी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो कोरोना महामारी में स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ जाता है। ये वायरस भी एक-दूसरे के संपर्क में आने के कारण फैलता है। एचवन एनवन वायरस से बचाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की एक ही डोज लगाई जाएगी। ये वैक्सीन स्वाइन फ्लू वायरस से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करेगी। संवाद
जिले को डोज मिली : 1380
जिले में एएनएम : 205
आशा वर्कर्स : 826
एमपीएचडब्ल्यू : 85
ये हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण :
स्वाइन फ्लू के लक्षण आमतौर पर मौसमी इन्फ्लूएंजा के लोगों के समान ही होते हैं। इसमें बुखार, थकान, और भूख की कमी, खांसी और गले में खराश शामिल हैं। कुछ लोगों को उल्टी और दस्त भी हो सकती है।
कोरोना की तरह ये भी फैलता है
यह इन्फ्लूएंजा वायरस मौसमी फ्लू के सामान ही फैलता है। एक संक्रमित व्यक्ति की नाक और मुंह से फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति किसी चीज का छूता है और उसके बाद स्वस्थ व्यक्ति उसे छू लेता है तो वह संक्रमित हो सकता है।
कोट
कोरोना महामारी के साथ स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग फील्ड में रहने वाले कर्मचारियों को बचाव का टीका लगा रहा है। जिले को 1380 डोज मिल गई है और उन्हें केंद्रों पर भिजवा दिया गया है।
- बलवान सिंह, इंचार्ज, जिला वैक्सीन केंद्र।