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Fatehabad News: 5 नवंबर को नया पोर्टल जारी करेगी सरकार, जमीन व फसल पंजीकरण में नहीं होगी गड़बड़ी

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किसान संगठनों के साथ बैठक करते मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर।
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फतेहाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ किसान संगठनों ने बैठक की। इन संगठनों में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन भगतसिंह के सदस्य शामिल रहे। फतेहाबाद जिले से पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान व सुखदीप रंधावा बैठक में मौजूद रहे। बैठक करीब चार घंटे तक चली।
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बैठक में राजेश खुल्लर ने किसान प्रतिनिधियों से कहा कि 5 नवंबर को प्रदेश सरकार नया पोर्टल शुरू कर रही है। इस पोर्टल में जमीन व फसल के पंजीकरण से संबंधित कोई हेरा फेरी नहीं हो सकेगी। जिसके नाम जमीन होगी, उसके आधार कार्ड या फैमिली आईडी का नंबर भरने के बाद ही पोर्टल खुल पाएगा।

पैक्स से लोन लेने वाले किसानों से नहीं लिया जाएगा ब्याज
बैठक में रखे गए विषयों को लेकर मनदीप नथवान ने बताया कि बैठक में पैक्स से लोन लेने वाले किसानों से किसी भी तरह का ब्याज नहीं लेने के फैसले को लागू करवाने पर सहमति बनी है। पहले पैक्स से लोन लेने वालों पर सात प्रतिशत ब्याज लगा दिया गया था। फिर विरोध होने पर सरकार ने तीन फीसदी ब्याज कर दिया। अब वह भी नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा हिसार, फतेहाबाद व सिरसा के किसानों का बीमा क्लेम जल्द जारी करवाने का आश्वासन दिया गया। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मकान, पशु, ट्यूबवेल के लिए सात से 15 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा कम है, इसे ज्यादा देने की मांग रखी गई, जिस पर मुख्य प्रधान सचिव ने कहा कि इस विषय पर सरकार मंथन कर रही है, जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।
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पराली से भरी ट्रालियों को नहीं रोका जाएगा
बैठक में पराली से भरी ट्रालियों को रोकने और उनके चालान करने का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर खुल्लर ने आश्वासन दिया कि पराली से भरी ट्रालियों को नहीं रोका जाएगा और चालान नहीं करने के भी निर्देश दिए जाएंगे। बैठक के दौरान ही चरखी दादरी में पराली से भरी ट्राली के चालक पर 37 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का मामला उठाया गया। हालांकि, पराली प्रबंधन को लेकर अन्य व्यवस्थाओं की पूर्ति करवाने से संबंधित चर्चा बैठक में नहीं हो सकी।

डीएपी के साथ कीटनाशक नहीं देने को लेकर भी दिए निर्देश
बैठक में किसानों ने डीएपी के साथ दुकानदारों द्वारा कीटनाशक व अन्य दवाइयां जबरदस्ती देने का मुद्दा रखा गया। इस पर मुख्य प्रधान सचिव ने कड़ा संज्ञान लेने का आश्वासन दिया। बैठक में कृषि विभाग के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।
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