संवाद न्यूज एजेंसी
समैन। हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं गांव समैन के सरपंच रणबीर गिल ने नशे के खिलाफ वीडियो जारी किया है।
गिल ने कहा कि अगर प्रदेश में नशा रोकना है तो सरकार गांव में शराब के अवैध खुर्दे बंद कराए, 10 दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। गिल ने सीएम नायब सिंह सैनी को सलाह देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में नशे के खिलाफ जो मुहिम शुरू की है, वह काफी अच्छी है।
सरकार यदि धरातल पर नशे को खत्म करना चाहती है तो जो भी व्यक्ति नशीले पदार्थ बेचते हुए पाया जाए, उसका राशन कार्ड काट देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7 हजार गांव है। पूरे हरियाणा में ज्यादा से ज्यादा नशा अवैध खुर्दों से फैल रहा है। इन खुर्दों पर जहरीली शराब से लेकर अवैध शराब तक बिक रही है। यदि सरकार इन खुर्दों पर कार्रवाई करती है तो इसके परिणाम अच्छे होंगे। सरकार को गांवों में बने अवैध खुर्दे बंद करवाने होंगे।
बर्तन तक खरीद लेते हैं खुर्दे वाले
गिल ने कहा कि ये अवैध खुर्दे नशे को तो बढ़ावा देते हैं साथ ही चोरी तक की वारदात को भी बढ़ावा देते हैं। शराब और नशीले पदार्थ देने के बदले में ये बर्तन तक खरीद लेते हैं। ऐसे में नशे से ग्रस्त लोग चोरी तक करने से पीछे नहीं हटते। इन खुर्दों की आड़ में स्मैक, चिट्टा तक बिक रही है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ईमानदारी से इन खुर्दों के खिलाफ कार्रवाई करती है नशे के साथ चोरी की समस्या पर भी काफी हद तक रोक लग सकती है।
दो लाख लोग जुड़े हैं नशे के कारोबार से
गिल ने कहा कि इन खुर्दों की आड़ में जहरीली शराब से लेकर चिट्टा, स्मैक, ड्रग्स तक बिक रही है। प्रदेश में 7 हजार गांव हैं। हर गांव में औसतन 10 लोग इनसे जुड़े हैं। एक प्रकार से डेढ़ से दो लाख इस नशे के कारोबार से जुड़े हैं। इनको रोकने के लिए प्रदेश सरकार हर जिला उपायुक्त को आदेश दे कि ये अवैध खुर्दे बंद होने चाहिए। गिल ने कहा कि उनके गांव समैन में चार-पांच अवैध रूप से शराब बेचने वाले खुर्दे वालों की शिकायत कर चुके हैं। मगर पुलिस कहती है कि इनके पास 2-3 बोतलें मिलती हैं। कोई 2 बोतल बेचे तो भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
पंचायत और वार्ड एमसी दे शिकायत
नशे को पूरी तरह से रोकने के लिए हर ग्राम पंचायत को आदेश दे कि अवैध रूप से चलने वाले इन शराब के खुर्दों की लिस्ट दें। इसी तरह शहरों में वार्ड का एमसी इनको चिह्नित करके लिस्ट दे। अगर कोई एमसी या सरपंच इससे जुड़ा हो तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई है। साथ ही ऐसे कार्य करने वाले का राशन कार्ड भी काट देना चाहिए। इससे हरियाणा में एकदम से नशे का ग्राफ गिरेगा।