जिला वासियों के लिए काफी राहत की खबर है। शनिवार को जिले में अब तक सबसे कम यानी मात्र 29 नए संक्रमित मिले हैं। हालांकि चार लोगों की मौत भी हो गई, जिनकी उम्र 58 साल से ज्यादा थी। राहत की खबर ये भी है कि शनिवार को बीते चौबीस घंटे में रतिया व भूना में एक भी नया केस नहीं मिला। वहीं भट्टूकलां व टोहाना में मात्र एक-एक नए संक्रमित मिले हैं। शनिवार को रिकवरी रेट 94.28 प्रतिशत रहा। वहीं शनिवार को 107 लोगों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है।
शनिवार को आई स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रतिया के सुंदर नगर की 65 वर्षीय महिला की नागरिक अस्पताल रतिया में मौत, रत्ताखेड़ा की 61 वर्षीय महिला की टोहाना के नागरिक अस्पताल में मौत, रतिया के 58 वर्षीय व्यक्ति की नागरिक अस्पताल में मौत और रतिया के 60 वर्षीय बुजुर्ग की भी रतिया के नागरिक अस्पताल में मौत की पुष्टि हुई है। वहीं शनिवार को फतेहाबाद शहर में 09, टोहाना में एक, रतिया शहर में शून्य, रतिया ग्रामीण में 12, भट्टू में 1, बड़ोपल में 2, भूना में शून्य तथा जाखल में 4 संक्रमित केस मिले हैं। जिले में अब तक 17294 केस मिल चुके हैं। इसमें से 16304 स्वस्थ हो चुके हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के 82 मरीज अस्पतालों में दाखिल हैं।
इस राहत के बीच हैरान करने वाली बात ये है कि कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं, लेकिन मौत के आंकड़ों में ज्यादा गिरावट नहीं है। रोजाना चार-पांच लोगों की मौत हो रही है। मई महीने की शुरुआत में रोजाना 300 से 400 तक नए संक्रमित मिल रहे थे।
अब तक की स्थिति
कुल सैंपल लिए : 2 लाख 4 हजार 944
कुल संक्रमित मिले : 17294
सक्रिय मामले : 561
होम आइसोलेट : 324
कुल मौतें : 434
ब्लैक फंगस का नहीं मिला नया केस
राहत भरी खबर ये है कि शनिवार को जिले में ब्लैक फंगस का कोई मामला सामने नहीं आया। हालांकि शुक्रवार को ब्लैक फंगस आशंकित तीन नए केस मिले थे। मगर विभाग ने उनमें भी ब्लैक फंगस की पुष्टि नहीं की। अब तक 38 मरीज आशंकित मिल चुके हैं और इसमें से 28 में पुष्टि हुई है। अब तक 10 की मौत हो चुकी है।
कोट
जिले में यह राहत की बात है कि कोरोना संक्रमण काफी कम हुआ है। मगर फिर भी हिदायत यही है कि कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही न बरतें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने सें बचें। अगर कोरोना के कोई भी लक्षण हैं तो सैंपल दें और खुद को आइसोलेट कर लें। बुजुर्ग और बच्चे खासकर ध्यान रखें।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी अधिकारी।