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टीकाकरण में युवाओं से आगे बुजुर्ग, 49 हजार से ज्यादा ले चुके पहली डोज

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वैक्सीन लगवाते हुए बुजुर्ग। (फाइल फोटो) - फोटो : Fatehabad
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कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर शुरू में कई गलत धारणाएं चलीं। मगर अब लोग वैक्सीन के लिए खुद आ रहे हैं और वैक्सीन की कमी पड़ जा रही है। शुरुआती चरण में बुजुर्गों में कोरोना वैक्सीन को लेकर एक डर था। मगर आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक सबसे ज्यादा बुजुर्गों ने ही वैक्सीनेशन का लाभ लिया है। जिले में 49 हजार से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। इनमें 12 हजार से ज्यादा ऐसे बुजुर्ग हैं, जो दूसरी डोज भी ले चुके हैं। हालांकि दूसरे वर्गों के पात्र भी वैक्सीन लगवा रहे हैं, लेकिन फिलहाल कमियां सरकार के स्तर पर नजर आ रही हैं।
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जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के पात्रों के लिए वैक्सीन की कमी है। सरकार 18 प्लस आयु वर्ग के लिए पर्याप्त वैक्सीन नहीं पहुंचा पा रही है। इसके चलते शनिवार को 18 से 44 आयु वर्ग के सिर्फ 138 ही लोगों को वैक्सीन लग पाई। जबकि 45 से 59 आयु वर्ग के 317 लोगों को डोज लगाई गई। अब वैक्सीनेशन को लेकर बुजुर्ग भी प्रेरित करने लगे हैं। यहां पर लोगों में वैक्सीन को लेकर किसी तरह का डर देखने को नहीं मिलता। हालांकि कुछेक लोगों को एक या दो दिन हल्का बुखार जरूर होता है। उसके लिए टीकाकरण के दौरान ही पैरासिटामोल टैबलेट दी जाती है।
जानिए क्या है टीकाकरण की स्थिति
पात्र पहली डोज दूसरी डोज
स्वास्थ्यकर्मी 4737 3582
फ्रंटलाइन वर्कर्स 2350 1092
60 साल से ऊपर 49534 12616
45 से 59 साल 45410 7022
18 से 44 साल 35537 0000
कुल 137568 24312
शनिवार को टीकाकरण
पात्र पहली डोज दूसरी डोज
स्वास्थ्यकर्मी 0 0
फ्रंटलाइन वर्कर्स 0 2
60 साल से ऊपर 39 2
45 से 59 साल 308 9
18 से 44 साल 138 0
कोट
वैक्सीन का लाभ उठाना चाहिए : पूर्व सरपंच
मैंने वैक्सीन लगवाई है। यह पूरी तरह सुरक्षित है। हम गांवों में भी लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में वैक्सीन लगवाएं। हालांकि अब लोगों में वैक्सीन को लेकर कोई भय या भ्रांति नहीं है, बल्कि कामकाज में व्यस्त होने के कारण लापरवाही बरत जाते हैं। यही सोच लेते हैं कि बाद में लगवा लेंगे।
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-कशमीर चंद, पूर्व सरपंच, गांव लाली।
वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है
हरबंस लाल मैं वैक्सीन की दोनों डोज ले चुका हैं। सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर हमारे लिए वैक्सीन तैयार करवा रही है। वह भी मुफ्त में लगाई जा रही है। ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन लगवाएं। मेरा अनुभव कहता है कि यह पूरी तरह सुरक्षित है। इसको लेकर धारणाएं नहीं बनानी चाहिए।
-हरबंस लाल मखीजा, गांव नंगल।
हमारी टीमें शहर व गांवों को समान रूप से कवर कर रही हैं। गांवों में स्वास्थ्य केंद्रों में टीके लगाए जा रहे हैं। हालांकि 18 से 44 आयु वर्ग के लिए वैक्सीन कम आ रही है। बाकी वर्गों के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। लोग अब खुद चलकर आ रहे हैं।
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-डॉ. सुनीता सोखी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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