मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल।
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा सरपंचों पर दिए गए बयान को लेकर हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा व विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी वोटों के लिए अक्सर पैसा व शराब बांटते हैं, वह चुनाव जीतने के बाद क्या करते हैं। ज्ञात रहे कि सीएम मनोहरलाल ने हाल ही में एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा कि था कि सरपंच बनने के लिए 50-50 लाख रुपये लगाए जाते हैं और फिर वह कमीशनखोरी के लिए भागते हैं, हमने उनके दरवाजे बंद कर दिए हैं।
रणबीर गिल ने सीएम के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि एमपी व एमएलए के चुनाव में बड़े-बड़े शराब के ट्रक पकड़े जाते हैं, पैसों से भरी गाड़ियां पकड़ी जाती हैं, इससे साफ है कि यह लोग भी फिर जनसेवा करने नहीं बल्कि देश व प्रदेश को लूटने के लिए चुने जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया हैं, उनको ग्रामीण सरकार के खिलाफ ऐसी बात कहना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि सरपंच पहले भी बने हैं और अब भी बने हुए हैं, क्या पहले वाले सरपंच भी चोर थे और आगे जो चुनाव लड़ेंगे वह भी चोर होंगे। उन्होंने कहा कि सरपंच चुनाव तो गांव के भाईचारे का चुनाव होता है। हर गांव में ग्रामीण सरपंच प्रत्याशी और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को देखते हुए उसे सरपंच चुनते हैं। उन्होंने कहा कि यह छोटी सरकार को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कोई भी सरपंच कमीशन के लिए चुनाव नहीं लड़ता, सरपंच की अच्छी छवि होती है, जिसको कलंकित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएम पहले अपने नेताओं की जांच करवाएं, उनको पता चल जाएगा कि उनके नेता सही हैं या ग्राम पंचायत के लोग सही हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लोगों को ग्राम पंचायतों के खिलाफ भ्रमित करने का प्रयास है, लेकिन आगे आने वाले चुनाव में उनको ग्राम पंचायतें पूरा जवाब देंगी।