रेलवे स्टेशन प्रशासन ने सूचना लगते ही अपने स्तर पर कोशिश कर आग बुझाई। मार्केट कमेटी जाखल की फायर ब्रिगेड गाड़ी उपलब्ध न होने पाने पर टोहाना से फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई गई।
जिसके बाद आग पर पूर्ण रूप से काबू पाया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का कोई पता नहीं चल पाया है। रेलवे प्रशासन प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बोगी में शार्ट सर्किट होना माना जा रहा है।
स्टेशन अधीक्षक सूरजभान शर्मा ने बताया कि बुधवार रात 9 बजकर 40 मिनट पर दिल्ली से जाखल तक आने वाली डीजेजे पैसेंजर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 3 पर आकर रुकी।
एक वृद्ध महिला ने गाड़ी के एक डिब्बे से धुआं निकलने की सूचना दी। गार्ड हरि सिंह ने तुरंत इसकी सूचना ड्राईवर सूरत सिंह व जाखल स्टेशन मास्टर को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन अधीक्षक सूरजभान शर्मा, ट्रैफिक इंस्पेक्टर प्रीतम नोनीवाल, लोक निर्माण विभाग इंस्पेक्टर सीएस शर्मा के अलावा रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले वेंडर पहुंच गए।
वहीं भड़की आग को देखते ही उक्त बोगी को गाड़ी से काट दिया गया। इतनी ही देर में आग ने बुरी तरह से बोगी को अपनी चपेट में ले लिया। रेल वेंडरों ने हिम्मत दिखाते हुए बाल्टियों व अन्य बर्तनों से आग बुझाने में जुट गए। करीब आधे घंटे बाद आग को बुझाया गया।
सीटों पर लगी थी आग
स्टेशन अधीक्षक सूरजभान शर्मा ने कहा कि हालांकि आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। लेकिन आग पहले बोगी की सीटों पर से लगी व नीचे से सीटों के गद्दों से भड़कती हुई ऊपर तक जा पहुंची।
जिससे आग ने लकड़ी के स्लीपरों व डिब्बे की छत को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से बोगी को काफी नुकसान पहुंचा है।
रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ने कहा कि ट्रेन की बोगी में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है। जिसके आधार पर अभी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।