सोमवार देर रात को मेन बाजार में स्थित मथुरा बेकरी के ऊपर घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने के बाद बेकरी मालिक ने करीबन 1 घंटे तक फायर ब्रिगेड कार्यालय में फोन किया, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने फोन नहीं उठाया। बाद में आसपास के लोग फायर ब्रिगेड कार्यालय में पहुंचे तो वहां पर कर्मचारियों ने हड़ताल के चलते गाड़ी ले जाने से इनकार कर दिया।
ऐसे में इस पर गुस्साए लोगों ने इसकी शिकायत उपायुक्त से की। जिसके बाद कर्मचारी एक गाड़ी लेकर मेन बाजार में पहुंचे परंतु उक्त गाड़ी में पानी न होने के कारण आग को बुझाया नहीं जा सका। जब दूसरी गाड़ी आई तो उस गाड़ी का भी नीचे से पानी लीक था और ऊपर पानी का प्रेशर कम होने के कारण वह गाड़ी भी नकारा साबित हुई। इसके बाद उपायुक्त के निर्देशों पर फतेहाबाद, जाखल, टोहाना से मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग को बुझाया।
वहीं फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की लापरवाही से गुस्साए लोगों व पीड़ित परिवार ने मंगलवार सुबह बाजार को बंद कर रतिया-फतेहाबाद रोड पर करीब 5 घंटे तक जाम लगा दिया। जाम लगाए जाने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीम सुभाष चंद्र ने जब लोगों को संबंधित कर्मचारियों को निलंबित करने, लापरवाही की जांच करने और परिवार को मुआवजा दिए जाने के बाद आश्वासन दिया, तब जाम खोला गया।
मेन बाजार में मौजूद मथुरा बेकरी के संचालक राजकुमार उर्फ राजू ने बताया कि इस आगजनी में उसके घर में पड़ा एसी, फ्रिज, एलईडी, फर्नीचर सहित लगभग 30 लाख का सामान जल गया। साथ ही घर में रखा 10 तोला सोना और एक लाख की नकदी भी आग से प्रभावित हो गई। राजू ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ बेकरी के ऊपर ही रहता है। सोमवार देर रात्रि ऊपर घर में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। आग सीढ़ियों के दोनों तरफ लग गई थी जिस कारण उसका परिवार ऊपर आग में ही फंस गया। इस दौरान फायर ब्रिगेड को बुलाने के लिए करीबन 1 घंटे तक फोन किए गए, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। जिस कारण आग धीरे-धीरे और ज्यादा हो गई। वहीं आग लगने की सूचना मिलते ही इनेलो के शहरी प्रधान हरबंस खन्ना, रमेश लाली, प्रवीण जग्गा, मनदीप सिंह नथवान, निर्भय सिंह, अमन सिंह, सुखदीप सिंह, बिट्टू ग्रोवर, अशोक मदान, अंशुल बत्रा व सैकड़ों शहरवासी मौके पर पहुंच गए।
बुजुर्ग मां ने बचाया बच्चों को
सोमवार देर रात्रि को जब घर में आग लगी तो बेकरी संचालक राजू घर के नीचे बनी बेकरी पर था तथा घर में उसकी मां, पत्नी और दो बच्चे और एक मंदबुद्धि भाई था। रात को जैसे ही घर में आग फैली तो बुजुर्ग मां ने हिम्मत दिखाई। वह अपनी पुत्रवधू दोनों बच्चों और अपने मंदबुद्धि बेटे को छत पर ले गई और वहां जाकर शोर मचा दिया। जिसके बाद आसपास के दुकानदार और पड़ोसी एकजुट हो गए। उन्होंने नीचे एक जालीदार चद्दर लगा दी। जिस पर बुजुर्ग मां ने पहले अपनी पुत्रवधू और दोनों बच्चों को नीचे जाली पर उतारा उसके बाद अपने मंदबुद्धि बच्चे को नीचे उतारा। सबसे अंत में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। एसडीएम सुभाष चंद्र ने भी बुजुर्ग महिला की हिम्मत की काफी सराहना की।