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दाम में बढ़ोतरी की आशंका से तेल के स्टॉक कर रहे किसान

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फतेहाबाद। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही महंगाई का असर भारत तक आ गया है। फतेहाबाद में तो हालात ऐसे हैं कि चुनाव कार्यक्रम खत्म होने के तुरंत बाद सरकार द्वारा तेल के दामों में 15 से 20 रुपये की बढ़ोतरी की आशंका जताकर अभी से पेट्रोल-डीजल का स्टॉक किया जाने लगा है। स्टॉक करवाने वालों में किसानों से लेकर इंडस्ट्री से जुड़े लोग तक शामिल हैं।
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हालांकि, फतेहाबाद के जाखल, रतिया व टोहाना क्षेत्र से जुड़े किसान व औद्योगिक इकाइयों में तेल का स्टॉक पंजाब से एकत्रित किया जा रहा है जबकि पंजाब सीमा से दूर अंदरूनी इलाकों में पेट्रोल पंपों पर रूटीन से ज्यादा तेल की बिक्री में हो रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के रेट में 10 दिनों में 20 डॉलर प्रति बैरल के उछाल से रॉ मैटीरियल भी महंगा हो गया है। रॉ मैटीरियल महंगा होने से पैकिंग का काम प्रभावित है।
15 अप्रैल के बाद खेती कार्यों के लिए बढ़ेगी डीजल की जरूरत
जानकार मानते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चलते हुए 11 दिन हो चुके हैं, इसलिए आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल के रेट में कमी की संभावना अब न के बराबर है। यदि क्रूड ऑयल के रेट में कमी नहीं होती है तो स्थानीय स्तर पर तेल के दाम बढ़ना तय है। इसलिए जिन किसानों को अप्रैल महीने की 15 तारीख के बाद खेती कार्य के लिए डीजल की जरूरत होती है, वो किसान अभी से ही डीजल एकत्रित करने में जुट गए हैं। ऐसा ही इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी कर रहे हैं।
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11 दिन पहले क्रूड ऑयल 90 डॉलर प्रति बैरल था
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल का रेट अंतरराष्ट्रीय बाजार में 90 डॉलर प्रति बैरल था, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद क्रूड ऑयल के रेट लगातार बढ़े और अब 110 डॉलर प्रति बैरल का रेट पहुंच चुका है।
कबाड़ की दुकानों और बाजार में प्लास्टिक ड्रम के रेट बढ़े, कमी भी हुई
डीजल का स्टॉक शुरू होने के साथ ही बाजार में प्लास्टिक ड्रम की कीमत भी बढ़ चुकी है। व्यापारी राजेश कुमार के अनुसार कबाड़ की दुकान पर प्लास्टिक का जो ड्रम करीब 400 से 500 रुपये में मिल जाता था, वह ड्रम पिछले कुछ दिनों से एक हजार रुपये से 1200 रुपये तक में मिल रहा है। यहां तक कि दुकानों पर भी प्लास्टिक ड्रम की भारी कमी हो चुकी है और अब हालत ये हो चुकी है कि 1600 रुपये में भी प्लास्टिक ड्रम नहीं मिल पा रहा है।
प्रदेश से सटे पंजाब में दाम सवा तीन रुपये कम
प्रदेश के जो किसान पंजाब सीमा से सटे इलाकों में खेती करते हैं, वे हरियाणा के पंपों की बजाय पंजाब के पेट्रोल पंपों से डीजल लाकर स्टॉक कर रहे हैं। जाखल क्षेत्र के किसान रमनदीप, निहाल सिंह, गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में तेल के दाम काफी बढ़ने की आशंका है, इसलिए जरूरत के अनुसार खेती के लिए डीजल खरीद कर रख रहे हैं।
कोट
स्टील और लोहे के दाम भी बढ़े
लोहे और स्टील के दाम में पिछले 11 दिनों में काफी उछाल आ गया है। यूक्रेन यूरोप के देशों में लोहा सप्लाई करता है लेकिन युद्ध की वजह से अब यूक्रेन से सप्लाई बंद हो चुकी है। इसलिए यूरोप देश अब भारत से लोहे की डिमांड कर रहे हैं। लोहा सरिया 20 फरवरी को 64 रुपये प्रति किलो था, जो अब 77 रुपये प्रति किलो हो चुका है। लोहा पाइप 20 फरवरी को 66 रुपये प्रति किलो था, जो अब 81 रुपये प्रति किलो हो चुका है। 202 ग्रेड स्टील का रेट 5 रुपये 90 पैसे प्रति निक्कल और 304 ग्रेड की 12 रुपये 90 पैसे प्रति निक्कल की बढ़ोतरी पिछले 11 दिनों में हुई है।
-दीपक बंसल, स्टील और लोहा कारोबारी
किसान और इंडस्ट्री के लोग जमा कर रहे हैं तेल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का रेट 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुका है, जो 11 दिन पहले मात्र 90 डॉलर प्रति बैरल था। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम के तुरंत बाद सरकार की ओर से तेल के दाम में काफी बढ़ोतरी करने की आशंका है। जो किसान 15 अप्रैल के बाद खेती कार्य के लिए डीजल खरीदते थे, वे अभी से ही तेल की खरीद कर रहे हैं। इंडस्ट्री में भी ऐसा ही हाल है। पंजाब के पंपों पर तेल खरीदने के लिए पास के हरियाणा के किसानों की लाइनें लगी हैं।
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-ललित मेहता, पेट्रोल पंप संचालक, फतेहाबाद
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