हरियाणा प्रदेश की पहचान दूध-दही के खानपान से है लेकिन बावजूद इसके यहां के गबरूओं के फेफड़े खराब हो रहे हैं। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में रोजाना टीबी के 6-7 नए मरीज मिल रहे हैं। विडंबना ये है की जांच में बच्चे भी टीबी ग्रस्त मिल रहे हैं। जिले में इस साल जुलाई माह तक जांच के दौरान 1468 टीबी मरीज मिल चुके हैं। इसमें 39 बच्चे भी शामिल हैं। टीबी ग्रस्त 72 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि इसमें 58 ऐसे मरीज हैं जिन्होंने उपचार ही शुरू नहीं किया था।
बच्चे भी हो रहे हैं टीबी का शिकार
वर्ष पुरुष महिला
टीबी ग्रस्त मरीजों की मौतें
वर्ष मौत हुई
ये हैं टीबी के लक्षण
सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच और दवा :
टीबी को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जांच और दवा निशुल्क की हुई है। टीबी की जांच के कई तरीके हैं। छाती का एक्सरे, बलगम की जांच, स्किन टेस्ट और सीबीनॉट से भी जांच की जाती है।
वर्ष टीबी मरीज मिले
नोट : वर्ष 2022 में जुलाई माह तक ही 1468 केस मिल चुके हैं।
टीबी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार काम कर रही है, इसी उपलब्धि के चलते जिले को कांस्य पदक मिल चुका है और अब गोल्ड के लिए तैयारी कर रहे हैं। लोगों से भी अपील है कि लक्षण दिखें तो जांच जरूर करवाएं और टीबी ग्रस्त मिलने पर डॉक्टर के कहे अनुसार उपचार लें। - डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद नागरिक अस्पताल।