फतेहाबाद। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बिजली उपभोक्ता को गलत बिल भेजने पर बिजली निगम पर 5500 रुपये हर्जाने के रूप में उपभोक्ता को देने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार योग नगर निवासी बलवंत सिंह को बिजली निगम ने 20282 रुपये का बिजली बिल भेजा था, जिसमें 16091 रुपये संड्री चार्ज के रूप में जोड़े हुए थे।
उपभोक्ता बलवंत सिंह ने इस बिल को अपने अधिवक्ता संत कुमार के जरिये उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी। उपभोक्ता का कहना था कि वह अपना बिजली बिल समय से लगातार भरता चला आ रहा है। मगर बिजली निगम ने 4 सितंबर 2019 को 20282 रुपयों का बिजली बिल उसे थमा दिया। उपभोक्ता ने इस बिल को गलत, गैरकानूनी बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। बिजली निगम ने इस वाद का जवाब दाखिल करते हुए आयोग को बताया कि यह बिल मानवीय भूल से उपभोक्ता को दे दिया गया था। जिस पर आयोग ने बिजली निगम को आदेश दिया कि वह 5500 रुपये उपभोक्ता को 45 दिन में हर्जाने के तौर पर अदा करें।