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Fatehabad News: ई-खरीद पोर्टल फिर बंद, किसानों नहीं मिल पा रहा गेट पास

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फतेहाबाद की अनाज मंडी में सुखाने के लिए बिछाई सरसों की ढेरी।
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फतेहाबाद। ई-खरीद पोर्टल बंद होने के चलते एक बार फिर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरसों की फसल की लंबे समय के बाद वीरवार को ही खरीद आरंभ हुई थी, लेकिन एक बार फिर ई-पोर्टल बंद हो गया, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि किसानों को फिर से अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही है। शुक्रवार को फतेहाबाद अनाज मंडी में निजी व्यापारियों से हुई खरीद में 4800 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को रेट मिला। जबकि एमएसपी 5450 रुपये है।
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फतेहाबाद में सरकार की ओर से 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद आरंभ होने की बात कही गई थी। लेकिन हैफेड द्वारा तुरंत सरकारी खरीद आरंभ नहीं की गई। कारण ई-खरीद पोर्टल का आरंभ न होना था। दो दिन पहले पोर्टल आरंभ हुआ और एक बार फिर बंद हो गया। जिससे किसानों को सरसों की फसल बेचने के लिए गेट पास नहीं मिल पा रहे और उनको निजी हाथों में अपनी सरसों की फसल को बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इन दिनों वैसे भी मौसम में काफी बदलाव आया हुआ है और आसमान में बादल छाए रहते हैं। जिस कारण किसान पहले ही अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं, वहीं अनाज मंडी में अपनी फसल सूखाकर लेकर आ रहे किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में आए किसानों ने बताया कि इस समय जो मौसम चल रहा है, उससे सूखी सरसों में भी नमी आ रही है।

20 ढेरियों में से हुई सिर्फ दो की बोली, वह भी प्राइवेट
फतेहाबाद की अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद के लिए मार्केट कमेटी के क्वार्टर क्षेत्र में अलग से जगह दी गई है। यहां पर सरसों की खरीद हो रही है। शुक्रवार को यहां पर सरसों की 20 ढेरियां लगी हुई थी, लेकिन सरकारी खरीद नहीं हुई। केवल दो ढेरियों की बोली हुई, वह भी 4800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से।
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कोट
मैंने सरसों की फसल की कटाई 15 दिन पहले की थी। शुक्रवार को ही सरसों लेकर मंडी में आया हूं। सरसों की नमी को तीन बार चैक किया गया। जिसमें नमी 8.2 से 8.6 तक आई है। मैैनें सरसों निजी हाथों में बेचने से इंकार कर दिया है। अब आगे इंतजार रहेगा कि कब सरकारी बोली हो, सरसों एमएसपी रेट पर बिके।
-बलवान सिंह, किसान मानावाली।
कोट
अनाज मंडी में सरसों की फसल बेचने के लिए किसानों को कोई परेशानी नहीं है। गेट पास मिल रहा है, हालांकि पोर्टल में थोड़ी दिक्कत है। सरकारी खरीद भी हो रही है। वहीं निजी व्यापारी भी किसानों की सरसों की फसल खरीद रहे हैं।
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-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव, फतेहाबाद।
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