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जिले में पंजाब से राजस्थान बॉर्डर तक फैला नशे का जाल

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लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करते फतेहाबाद शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश चुघ। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। फतेहाबाद जिला नशे का गढ़ बन चुका है। जिले में पंजाब से लेकर राजस्थान के बॉर्डर तक नशे का जाल फैल गया है। शहरों से निकल अब गांव की गलियों तक में नशा बिकने लगा है। इसे रोकने के लिए पुलिस अभियान भी चला रही है लेकिन तस्करी पर लगाम पाना अकेले पुलिस के बस का भी नहीं रहा। पुलिस पर तो नशा तस्करों का साथ देने के भी आरोप लगते रहे हैं।
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हालत ऐसी हो गई है कि अब युवकों के साथ-साथ युवतियां भी नशा करने लगी हैं। जिले में कई परिवार ऐसे भी हैं, जो नशे के कारण उजड़ चुके हैं। पुलिस औसतन हर रोज एक नशा सप्लायर को पकड़ रही है। पिछले छह महीने में 204 नशा सप्लायर्स को पकड़ा जा चुका है। नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र के प्रभारी डॉ. गिरीश कुमार बताते हैं कि सबसे खतरनाक केमिकल नशा है। इसकी जिसको लत लग जाए, अगर उसको जल्द रिकवर न किया जाए तो जान तक चली जाती है। नशे की चपेट में आने वाले अधिकांश युवा 18 से 35 साल की उम्र के हैं। नशा मुक्ति केंद्र में ऐसे युवक भी आते हैं, जिन्होंने सीरींज से अपने शरीर को खराब किया हुआ होता है।
जिन गांवों में ठीकरी पहरा दे रहे वहां सुधर रहे हालात
नशे को रोकने के लिए पुलिस से ज्यादा ग्रामीणों के प्रयास फायदेमंद साबित हो रहे हैं। गांवों में बड़ी आसानी से नशा तस्कर नशे की सप्लाई करके चले जाते हैं। मगर जिन गांवों में रात को ठीकरी पहरा दिया जाता है, वहां हालात कुछ सुधर भी रहे हैं। रात के अंधेरे में नशे के रूप में मौत बेचने आने वालों में ठीकरी पहरे का डर बैठने लगा है। लगातार ठीकरी पहरा देने वाले गांवों में नशा तस्करों की आवाजाही पर लगाम लग रही है।
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आईजी द्वारा 10 गांव गोद लेने के बाद सक्रिय हुई पुलिस
आईजी राकेश आर्य द्वारा जिले के ऐसे दस गांव गोद लिए गए हैं, जहां नशे का प्रभाव सबसे अधिक है। इनमें गांव महमड़ा, ब्राह्मणवाला, भरपूर, रतनगढ़, लाली, हिजरावां, अयाल्की, रत्ताखेड़ा व दो अन्य गांव शामिल हैं। आईजी राकेश आर्य के निर्देशों के बाद पुलिस एक बार फिर सक्रिय हुई है और इस बार ग्रामीणों को जागरूक करने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। 12 जून से 26 जून तक का विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया है।
1 जनवरी 2022 से 24 जून तक का आंकड़ा
कुल मामले : 119
गिरफ्तारी हुई : 204
हेरोइन बरामद : 3 किलो 319 ग्राम
स्मैक बरामद : 12 किलो 90 ग्राम
अफीम बरामद : 7 किलो 143 ग्राम
चूरापोस्त बरामद : 288 किलो 690 ग्राम
गांजा बरामद : 62 किलो 160 ग्राम
भांग बरामद : 2 किलो 100 ग्राम
नशीली गोलियां बरामद : 43280
शिरप बोतल बरामद : 12
एनडीपीएस एक्ट को और सख्त करने की जरूरत
नशे की रोकथाम के लिए एनडीपीएस एक्ट को और सख्त करने की जरूरत है। एक महीने में जमानत होती है, तो तीन महीने में होनी चाहिए। जितना ज्यादा दिन तक आरोपी कस्टडी में रहेगा, उतना ही उसमें सुधार होने की गुंजाइश अधिक रहेगी।
-प्रवेश मेहता, प्रधान, बार एसोसिएशन फतेहाबाद
पुलिस नशे की डिमांड खत्म करवाने पर अधिक काम कर रही है। डिमांड ही नहीं होगी तो सप्लायर नशा किसे बेचेंगे। जागरूकता बढ़ाने के लिए भी लगातार टीमें लगी हुई हैं।
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-सुरेंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद
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