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नींद की झपकी का रचा था ड्रामा, पति ही निकला हत्यारा

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सुमन व उसके बच्चे बीर सोनी की फाइल फोटो। - फोटो : Fatehabad
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गांव सनियाना के पास फतेहाबाद ब्रांच भाखड़ा नहर में कार गिरने से मां-बेटे की मौत का मामला सुलझ गया है। कार चला रहे मनोज सोनी ने ड्रामा रचा था कि उसे नींद की झपकी आ गई थी। मगर पुलिस ने खुलासा किया है कि विवाहिता सुमन व उसके ढाई वर्षीय मासूम बच्चे की एक षड्यंत्र के तहत हत्या की गई थी।
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यह खुलासा पुलिस की पूछताछ में कार चालक एवं मृतका सुमन के पति मनोज सोनी ने किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही मामला संदिग्ध लग रहा था। पुलिस ने 29 अगस्त को मृतका सुमन देवी के पिता धर्मपाल सोनी की शिकायत पर उसके पति मनोज सोनी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इसलिए पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने वीरवार को मनोज सोनी को हिरासत लेकर सख्ती से पूछताछ की। आरोपी मनोज सोनी ने साजिश की पूरी कहानी बया कर दी। पुलिस पूछताछ में मनोज सोनी ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2011 में नरवाना निवासी धर्मपाल की बेटी सुमन के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही सुमन उसके साथ हमेशा कलह रखती थी और हमेशा छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़े पर उतर आती थी। वह पूरी तरह से तंग आ चुका था। उसने एक बार कीटनाशक का सेवन करके आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। मगर उसके परिवार के लोगों ने बचा लिया था। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी खाने-पीने के शौक रखती थी। साथ में अच्छी कोठी बनाने के लिए भी दबाव बना रही थी। उसके कहने के बाद उसने नया घर बनाना शुरू कर दिया था। 28 अगस्त को घर का निर्माण आरसीसी लेंटर तक पहुंचा हुआ है। लेंटर लगाने के लिए उसी दिन शाम के 8 बजे अपनी पत्नी को कार में बिठाकर एक लाख की राशि लेने ससुराल पहुंचा था। खाना खाने के बाद रात 10 बजे वापस भूना आ रहा था तो कार को सीधी फतेहाबाद ब्रांच भाखड़ा नहर में गिरा दिया। हालांकि मासूम बच्चे को बचाने के लिए उसने कोशिश की मगर, सुमन ने उसे अपने से अलग नहीं होने दिया।
कई महीनों से बना रहा था हत्या की योजना
अफसर कॉलोनी भूना निवासी मनोज कुमार सोनी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि वह अपनी पत्नी को ठिकाने लगाने के लिए पिछले कई महीनों से योजना बना रहा था। उसी के चलते 28 अगस्त को सुमन के पिता से घर निर्माण के लिए एक लाख रुपये लेने के दौरान वापसी में गाड़ी नहर में डालने की दिमाग में बिठा ली थी। तीनों ही बच्चों को घर पर छोड़ कर जाना चाहता था। इसलिए भूना से जब नरवाना के लिए चले तो सबसे छोटे ढाई वर्षीय बेटे बीर सोनी को तीन बार कार से नीचे उतार दिया था। मगर उसकी पत्नी सुमन ने जबरदस्ती बेटे को साथ ले लिया। वह अपने मासूम बेटे को किसी भी कीमत पर मारना नहीं चाहता था। कार के नहर में गिरने के बाद भी अपनी व बच्चे की जान बचाने के लिए काफी संघर्ष किया था। मगर उसे बचा नहीं पाया।
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पुलिस ने ऐसे किया पटाक्षेप
डीएसपी अजायब सिंह व थानाध्यक्ष कपिल कुमार सिहाग ने बताया कि मनोज सोनी बार-बार बयान बदल रहा था। भाखड़ा नहर में कार उलटी दिशा में जाकर क्यों गिरी। कार डिवाइडर से क्यों नहीं टकराई, कार का अगला हिस्सा नहर में टकराना चाहिए था, मगर ऐसा नहीं हुआ। कार में एसी चल रहा था तो दोनों अगले शीशे खुले क्यों थे। कार को नहर पटरी के साथ धीरे से डाला गया था। नहर से निकलने के बाद अपने फोन से मनोज ने बात की थी। पुलिस कई गाड़ी आने के बाद बेहोश होने का ड्रामा क्यों किया, जबकि पहले बिल्कुल ठीक था। इनसे अलग भी कई सवाल संदिग्ध थे। इसी से शक हुआ। आखिरकार आरोपी को सारी सच्चाई बतानी पड़ी।
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