डॉ. एलआर बिश्नोई।
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मूलरूप से हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव चिंदड़ के निवासी डॉ. एलआर बिश्नोई को मेघालय का डीजीपी बनाया गया है। सोमवार को मेघालय सरकार द्वारा इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इससे पहले डॉ. एलआर यानी लज्जाराम बिश्नोई असम पुलिस में एडीजीपी (प्रशासन) के पद पर कार्यरत थे। उनके डीजीपी बनाए जाने की सूचना से गांव में खुशी का माहौल है। अब उनके भाई गांव में ही रहते हैं।
डॉ. एलआर बिश्नोई ने गांव चिंदड़ से प्राथमिक शिक्षा हासिल करने के बाद पास के ही गांव बड़ोपल से 10वीं पास की। इसके बाद हिसार स्थित एचएयू से वेटरनरी सर्जन की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई पूरी होने के बाद पशुपालन विभाग में कुछ समय के लिए नौकरी की। बाद में नौकरी छोड़कर एयरफोर्स ज्वाइन की। हालांकि, वे यूपीएससी की तैयारी करते रहे। उन्होंने एचसीएस व यूपीएससी की परीक्षा साथ में पास की। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी ज्वाइन की।
साल में दो बार आते हैं गांव
मेघालय के डीजीपी बने डॉ. एलआर बिश्नोई गांव चिंदड़ में दो बार आते हैं। पर्यावरण प्रेमी होने के साथ साथ युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में आने के बाद सुबह व शाम को स्टेडियम में जरूर आते हैं। बीच में कोरोना के कारण वह गांव नहीं आ सके। पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लेने भी आते हैं।
गांव के निवर्तमान सरपंच प्रधान सिंह बताते हैं कि डीजीपी डॉ. एलआर बिश्नोई आठ भाई-बहन थे। उनके भाई रूलीराम व रामकुमार का परिवार अब भी गांव में रहता है। जो खेती बाड़ी करते है। एक अन्य भाई मक्खन सिंह मांझू हिसार में रहते है। वे प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त हुए है। उन्होंने बताया कि डॉ. एलआर बिश्नोई उनके गांव ही नहीं क्षेत्र से पहले एक व्यक्ति हैं, जो इस पद पर पहुंचे हैं।