फतेहाबाद के लघु सचिवालय में श्रद्धालु को अटारी बॉर्डर से वापिस भेजने के मामले में ज्ञापन देने क
फतेहाबाद। पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए गए हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं को अटारी सीमा से आगे नहीं जाने दिए जाने के मामले पर शिरोमणि अकाली दल (हरियाणा इकाई) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मामले की जांच कर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा शिरोमणि अकाली दल के राज्य प्रधान हरिकेश सिंह ने बताया कि गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर हरियाणा से श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान यात्रा के लिए रवाना हुआ था। श्रद्धालु 10 जून को अटारी सीमा पहुंचे जहां उन्हें आगे की प्रक्रिया से रोक दिया गया। अटारी सीमा पर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को बताया गया कि उनकी सत्यापित सूची संबंधित विभागों से समय पर प्राप्त नहीं हुई है। इसी कारण उन्हें आगे की इमिग्रेशन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा सका।
दूसरी ओर पंजाब और दिल्ली से पहुंचे श्रद्धालुओं को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पाकिस्तान भेज दिया गया। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी धार्मिक आस्था और भावनाएं प्रभावित हुई हैं। संगठन का कहना है कि श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन सूची संबंधी त्रुटि के कारण उन्हें सीमा से ही लौटना पड़ा।
नेताओं ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि सिख समाज की भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक मामलों में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा सकी। साथ ही यह भी कहा कि प्रदेश के सिख समुदाय को बार-बार आश्वासन दिए जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के फतेहाबाद से सदस्य कर्मजीत सिंह सालमखेड़ा ने कहा कि सिख समाज के प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।