फतेहाबाद के लघु सचिवालय में एसपी को शिकायत देने पहुंचे पीड़ित पक्ष। संवाद
फतेहाबाद। भट्टू कलां थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर दो माह की गर्भवती और उसके पति के साथ मारपीट करने तथा धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता सुषमा का कहना है कि पुलिसकर्मियों की पिटाई के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। मामले में पीड़िता ने एसपी निकिता खट्टर को शिकायत देकर दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान के धीरवास गांव निवासी सुषमा व उसके पति विशाल ने बताया कि 22 मई को भट्टूकलां थाने से फोन आया था। पुलिस ने उसके भाई और गांव के एक व्यक्ति की बेटी के घर से जाने के मामले में पूछताछ के लिए उसे और उसके पति को बुलाया। सुषमा का आरोप है कि थाने पहुंचने पर गर्भवती होने की जानकारी देने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की।
पीड़िता के अनुसार अगले दिन उन्हें फिर थाने बुलाया गया जहां उसके पति के पैरों के तलवों पर डंडे मारे गए। वहीं महिला पुलिसकर्मियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की जिससे उसे रक्तस्राव शुरू हो गया और वह बेहोश हो गई। आरोप है कि बाद में उन्हें धमकाकर थाने से भगा दिया गया।
सुषमा ने बताया कि 12 जून को जब वह अपने मायके खाबड़ा कलां में थी। तब कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और भाई व युवती के बारे में जानकारी न देने पर फिर मारपीट की। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। पहले उसे भट्टूकलां, फिर फतेहाबाद और बाद में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत होने की पुष्टि की।
पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल से पुलिस को सूचना भेजे जाने के बावजूद अब तक उसका बयान दर्ज नहीं किया गया है। उसने आरोपी पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्याय दिलाने की मांग की है। इस मामले में पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार का कहना है कि पुलिस पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वे निराधार हैं। परिवार की मौजूदगी में ही महिला से पूछताछ की गई थी। इस मामले में जो भी शिकायत आई है उसकी जांच की जाएगी।