डेंगू पॉजिटिव केस आने के बाद शनिवार को टोहाना में पांच तथा फतेहाबाद में एक संदिग्ध मामला सामने आया है। सभी संदिग्धों के सैंपल लेकर लैब में भेजे गए हैं। जिले में डेंगू के पैर पसारने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
फतेहाबाद के सुंदर नगर में संदिग्ध केस के घर जाकर विभाग ने पानी व कूलर को जांचा तो वहां पर लारवा मिला है, जो क्यूलेक्स का है। विभाग की तरफ से वहां पर टेमीफोर्स दवाई की फॉगिंग करवाई गई है।
टोहाना में भी विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार सर्वे के लिए टीम गठित कर कई कॉलोनियों में सर्वे करवाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर में फॉगिंग के आदेश दिए हैं और अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए एक प्राइवेट वार्ड बना दिया है।
पांच संदिग्ध केस आए सामने
सिविल अस्पताल टोहाना के एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि मानव सेवा संगम अस्पताल से डेंगू के 5 संदिग्ध केस आने की सूचना मिली थी। इसमें गांव ललौदा में चार तथा टोहाना से एक संदिग्ध मिला है, जिनके खून के सैंपल ले लिए हैं। 48 घंटे बाद इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। वहीं, विभाग के निर्देशानुसार एक प्राइवेट वार्ड भी बनाया गया है। विभाग की एक टीम शहर में फॉगिंग करवाएगी।
निजी अस्पताल संचालको को दी चेतावानी
डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि डेंगू संभावित कोई भी संदिग्ध मरीज निजी अस्पताल में आता है तो वे तुरंत इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दें ताकि उसका एनएस वन टेस्ट करवाया जा सके। अगर कोई निजी अस्पताल संचालक सूचना नहीं देगा तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ये बोले निजी अस्पताल चिकित्सक
इस बारें में एक निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शिव सचदेवा ने बताया कि उनके पास पांच संदिग्ध मरीज आए थे। इसकी सूचना नागरिक अस्पताल के एसएमओ को दे दी है। इन मरीजों में से एक मरीज के प्लेटलेट्स लगभग 17000 और दूसरे के लगभग 28000 कम होने के कारण उन्हें हिसार रेफर कर दिया गया है। अन्य तीन संदिग्धों का इलाज चल रहा है।
सिविल अस्पतालों में प्रबंध नहीं
जिले में डेंगू अपने पैर पसार चुका है, लेकिन विभाग की तरफ से कोई प्रबंध नहीं है। सिविल अस्पतालों में न तो जांच की व्यवस्था है और न ही प्लेटलेट्स की। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में तो अभी तक अलग से वार्ड की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
क्या बोले विभाग के एसएमओ
इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि सिविल सर्जन फतेहाबाद के आदेशानुसार टोहाना की कृष्णा कॉलोनी से एक मरीज का डेंगू होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एक टीम बनाई गई, जिसने शहर के वार्डों का सर्वे किया गया है।