रतिया। रतिया क्षेत्र में डीएपी की किल्लत से गुस्साए सैकड़ों किसानों ने भगतसिंह चौक व संजय गांधी चौक पर जाम लगा दिया। हरियाणा-पंजाब को जोड़ने वाले राज्य मार्ग सहित रतिया-फतेहाबाद व रतिया-टोहाना रोड पर जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। गुस्साए किसानों ने प्रदेश सरकार व कृषि विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब पांच घंटे तक किसान जाम लगाकर बैठे रहे।
इस दौरान रतिया के ही कृषि व पुलिस विभाग के अधिकारी जाम खोलने की मांग करते रहे, लेकिन किसानों ने मजबूत आश्वासन के बिना जाम खोलने से इंकार कर दिया। बाद में तहसीलदार विजय मोहन सियाल व कृषि अधिकारियों ने मंगलवार को रतिया में डीएपी के पांच हजार बैग वितरित करने का लिखित आश्वासन देकर जाम खुलवाया। वहीं, किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मंगलवार को भी किसानों को डीएपी नहीं दी गई तो अनिश्चितकालीन जाम लगा देंगे।
सुबह दुकान पर तीन घंटे किया इंतजार, नहीं आई डीएपी
जानकारी के अनुसार सुबह क्षेत्र के सैकड़ों किसान डीएपी लेने के लिए अनाज मंडी रोड पर स्थित एक दुकान पर पहुंच गए। मगर तीन घंटे इंतजार करने के बाद भी दुकानदार के पास डीएपी नहीं आई। दुकानदार ने किसानों को बताया कि डीएपी का रैक नहीं लगा है, इसलिए सप्लाई नहीं पहुंची। इससे किसान गुस्सा हो गए और वे सीधे भगत सिंह चौक व संजय गांधी चौक पर पहुंच गए और बीचोंबीच ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करके जाम लगा दिया। बाद में किसान नेताओं को भी बुला लिया गया। किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान, सुखदीप सिंह, निर्भय सिंह, परमजीत सिंह, अमन सिंह, पूर्व जिला पार्षद रामचंद्र, गुरप्यार सिंह व अन्य नेता मौके पर पहुंच गए। जाम की सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी रुपेश चौधरी, सदर थाना प्रभारी हरफूल सिंह, जिला ट्रैफिक इंचार्ज रविश कुमार, डीएसपी गीतिका जाखड़ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर जाम खुलवाने की कोशिश की। मगर किसान कृषि अधिकारियों को मौके पर बुलाने के लिए अड़ गए।
डेढ़ घंटे तक कृषि विभाग का कोई अधिकारी नहीं आया
पुलिस अधिकारियों ने जिले के उच्च अधिकारियों को जाम की सूचना देकर कृषि अधिकारियों को भेजने के लिए आग्रह किया। करीब डेढ़ घंटे तक कृषि विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों में रोष और बढ़ गया। डेढ़ घंटे बाद खंड कृषि अधिकारी राजपाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने माइक लेकर किसानों को समझाना शुरू कर दिया। इस दौरान राजपाल सिंह द्वारा भड़काऊ शब्द बोलने पर किसान भड़क गए। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी, पुलिस ने मौके की नजाकत देखकर राजपाल सिंह को वहां से दूर ले गए।
मंगलवार को बांटेंगे पांच हजार बैग डीएपी
बाद में गुणवत्ता नियंत्रक ओमप्रकाश व उप निदेशक राजेश सिहाग धरनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने कई बार किसानों से बातचीत की। उपनिदेशक ने किसानों को बताया कि अब डीएपी का रैक मंगलवार को ही लगेगा, जिससे किसानों ने मंगलवार तक जाम लगाए रखने का ऐलान कर दिया। आखिरकार तहसीलदार विजय मोहन सियाल व उपनिदेशक राजेश सिहाग ने किसानों को लिखित में आश्वासन दिया कि मंगलवार को पांच हजार बैग डीएपी रतिया के किसानों को बांट दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने जाम खोला।
तहसीलदार ने गठित की कमेटी
तहसीलदार ने मंगलवार को डीएपी वितरण के लिए एक कमेटी गठित की। इसमें कृषि विभाग के कर्मचारियों के अलावा किसान संगठनों के प्रतिनिधि व प्रशासन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी की देखरेख में ही डीएपी बांटी जाएगी। तहसीलदार ने मामले से उपायुक्त महावीर कौशिक को भी अवगत करवा दिया।
कोट
रतिया में जाम लगा रहे किसानों को समझा दिया गया था। मंगलवार को पांच हजार बैग रतिया में डीएपी के भिजवाए जाएंगे। इससे पहले रविवार को एनपीके की सप्लाई भी आएगी।
डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग