धान के अवशेष जलाने की जानकारी लेने पहुंचे कृषि विभाग के कर्मचारी। स्रोत : कृषि विभाग
फतेहाबाद। जिले में फसलों की कटाई का काम शुरू होने के साथ ही फसल अवशेष जलाने के शिकायतें सामने आने लगी है। हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार जिले में फसल अवशेष जलाने के मामलों में काफी कमी दर्ज हुई है।
पिछले साल जिले में 10 अक्तूबर तक 22 स्थानों पर फसल अवशेष जलाए गए थे। वहीं इस बार अभी तक जिले में कृषि विभाग को फसल अवशेष जलाने की कुल 8 शिकायतें मिली है। जिसमें दो शिकायत ऐसे स्थानों की है जो गैर कृषि भूमि पर आगजनी की सूचना मिलने की है। जिले में अभी तक 6 स्थानों पर फसल अवशेष जलाएं गए है। जिन पर विभाग के द्वारा 12500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इस बार पराली प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के द्वारा जिले के गांवों में जाकर किसानों को जागरूक किया गया है।
किसानाें को मिलेगी अनुदान राशि
राज्य में पराली प्रबंधन को लेकर सरकार के द्वारा किसान को प्रति एकड़ एक हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसको लेकर किसान 30 नवंबर तक आवेदन कर सकते है। वहीं, कृषि विभाग के द्वारा पराली जलाने वाले किसानों पर निगरानी करने के लिए गांव के नंबरदार, ग्राम सचिव और पटवारियों द्वारा पराली जलाने वाले किसानों से जुर्माना राशि एकत्रित करेंगे।
जिले में फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर निगरानी रखी जा रही है। अभी तक जिले में 6 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने की शिकायतें मिली है। जिन पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए 12500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, फतेहाबाद