हरियाणा के फतेहाबाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज बलवंत सिंह की अदालत ने नाबालिग से शादी करने की नीयत से अपहरण करके साथ ले जाने व उससे दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की कैद और 9 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक फतेहाबाद क्षेत्र की पीड़िता के पिता ने 28 नवंबर 2020 को शहर थाना फतेहाबाद में शिकायत दर्ज करवाकर आरोप लगाया था कि उसकी साढ़े 17 साल की बेटी रात को घर पर सोई थी। रात करीब एक बजे शौच के लिए निकली थी, उसके बाद से वापस नहीं आई।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि करीब डेढ़ माह पहले उसके मोबाइल पर जींद जिले के डुमरखां खुर्द निवासी गुलाब का फोन आया था, उसने धमकी भरे लहजे में कहा था कि तेरी लड़की का हम अपहरण करके ले जाएंगे। उसने गुलाब पर उसकी बेटी के अपहरण का शक जाहिर किया था। इस पर पुलिस ने गुलाब के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366ए के तहत केस दर्ज किया था।
बाद में युवती को पुलिस ने बरामद करके गुलाब को गिरफ्तार कर लिया था। युवती के मेडिकल में उससे दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने इस संबंध में गुलाब के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और जोड़ दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी गुलाब को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 व 366ए में 3-3 साल की कैद व 2-2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।