न्यायिक दंडाधिकारी ईश्वर दत्त की अदालत ने यात्री को गंभीर चोट पहुंचाने के एक मामले की सुनवाई करते हुए हरियाणा रोडवेज के कंडक्टर को दोषी करार देते हुए 1 साल कैद और 1 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जानकारी अनुसार बरवाला के बालक गांव निवासी जयबीर सिंह के खिलाफ भूना पुलिस ने 21 फरवरी 2015 को 323 व 325 के तहत केस दर्ज किया था।
मामले में खजूरीजाटी निवासी शेरसिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 12 फरवरी 2015 को सुबह वह कैनाल ब्रिज खजूरीजाटी-बनावाली पर खड़ा था और खजूरीजाटी से फतेहाबाद जाने के लिए हरियाणा रोडवेज की बस में बैठ गया। बस के कंडक्टर जयबीर सिंह ने उसे टिकट लेने के लिए कहा तो उसने कहा कि आगे सीट पर बैठकर टिकट ले लूंगा। कंडक्टर बोला आगे क्या तेरा बाप बैठा है जिससे तू टिकट लेगा। जब उसने विरोध जताया तो कंडक्टर ने उसे गंभीर चोट पहुंचाई। चालक व यात्रियों ने कंडक्टर के चंगुल से उसे बचाया था। जिसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी थी।
इसी तरह एक अन्य मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना यादव की अदालत ने चेक बाउंस मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए एक साल की कैद व चेक राशि की दोगुना राशि 14 लाख रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। जानकारी अनुसार ढाणी माजरा निवासी अनिल कुमार ने बीघड़ रोड निवासी कर्मबीर सिंह के खिलाफ अदालत में चेक बाउंस का मामला दायर किया था। अपनी शिकायत में अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी कर्मबीर सिंह ने घरेलू जरूरत व बिजनेस के लिए उससे 7 लाख रुपये उधार लिए थे। इसकी एवज में आरोपी ने उसे चेक दिया जो बैंक से अपर्याप्त राशि होने के कारण डिसऑनर हो गया।