उन्होंने कहा कि गीता विश्व के सभी धार्मिक ग्रंथों का आधार होने के साथ हमारी सबसे प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का परिचायक है। इस मौके पर प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया।
उपायुक्त एनके सोलंकी, पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल, एसडीएम संतलाल पचार, डॉ. मुनीष नागपाल, भाजपा के जिला अध्यक्ष भारत भूषण मिढा ने उनका स्वागत किया।
उद्घाटन के बाद सांसद ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन के माध्यम से जो संदेश दिया था वह आज भी ज्यो का त्यों प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि पूरे गीता संदेश का एक ही सारांश है कि कर्म करते रहो, फल अपने आप आ जाएगा। इस संदेश की महत्ता को विश्व के सभी देशों ने माना है।
सिर्फ तीन दिन तक सीमित न रहे कार्यक्रम...
उन्होंने कहा कि लुप्त हो चुकी सरस्वती नदी को दोबारा खोजने का जो कार्य प्रदेश सरकार ने शुरू किया है वह सराहनीय है।
धरा के नीचे सरस्वती नदी के बहने का इससे पुख्ता प्रमाण और क्या होगा की कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद और राजस्थान के कई क्षेत्रों के पानी की गुणवत्ता व स्वाद समान है।
उन्होंने कहा कि हमारे सामाजिक मूल्य विश्व में सर्वोत्तम हैं। लेकिन समय के साथ संस्कृतियों के आदान-प्रदान के चलते जीवन मूल्यों में कमी आई है जिसे ठीक करना है।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल तीन दिनों के लिए सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि स्कूलों व पंचायतों के माध्यम से नई पीढ़ी को गीता के संदेश में छिपे ज्ञान से अवगत करवाना चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए विश्व को एक मंच पर आने की जरूरत
सांसद धर्मवीर ने पर्यावरण प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तेल की बढ़ती खपत से न केवल वातावरण दूषित हुआ है बल्कि तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है।
पर्यावरण संरक्षण आज समय की जरूरत बन गया है। इसने पूरे विश्व के देशों को एक मंच पर आने तथा सोचने पर विवश कर दिया है।
गायों की डेयरी खोलें, 50 प्रतिशत की सब्सिडी पाएं
उन्होंने देसी गाय को भारतीय संस्कृति के लिए शुभता का प्रतीक बताते हुए इसके दूध और मूत्र को अमृत की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि गोबर का लेप तो एंटी-बायोटिक का काम करता है।
कुछ साल पहले तक हमारी महिलाएं घरों में गोबर का लेप करके सौ तरह की बीमारियों को दूर रखती थी। प्रदेश सरकार ने गौपालन को बढ़ावा देने के लिए देसी गायों की डेयरी खोलने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी तथा दूध देने वाली गायों के लिए ईनामों का प्रावधान करके महत्वपूर्ण पहल की है।
जन जन तक गीता का संदेश पहुंचाने को प्रशासन तैयार- डीसी
उपायुक्त सोलंकी ने कहा कि प्रशासन ने गीता जयंती समारोह में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की है। गीता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि गीता जयंती को लेकर जिलावासियों में उत्साह का माहौल है।
विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से माहौल किया भक्तिमय
कार्यक्रम में डीएवी पब्लिक स्कूल, बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरु नानक एकेडमी, स्प्रिंग बेल्स पब्लिक स्कूल, मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल, डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, गुरु नानक इंटरनेशनल स्कूल, एमएम कॉलेज, क्रिसेंट पब्लिक स्कूल तथा जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर माहौल भक्तिमय बना दिया।
इस मौके पर नगराधीश सुरेंद्रपाल, डीडीपीओ राजेश खोथ, पशुपालन विभाग के उप-निदेशक डॉ. काशी राम, कृषि उपनिदेशक बलवंत सहारण, संतकुमार एडवोकेट, रामराज मेहता, एक्सईएन सुभाष भांभु सहित अन्य विभागों के अधिकारी, भाजपा नेता व कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में शहरवासी तथा स्कूली बच्चे भी मौजूद थे।
11 बजे था शुभारंभ, डेढ़ बजे तक भी नहीं पहुंचे मुख्य अतिथि
पंचायत भवन में शनिवार का शुरू हुए तीन दिवसीय गीता जयंती समारोह के पहले दिन अव्यवस्था का माहौल भी देखा गया। मुख्य अतिथि तय समय से ढाई घंटे बाद भी नहीं पहुंचे तो परेशान छात्र वापस घर लौटने लगे।
वहीं दूसरी ओर छात्रों को पुलिस वैन में ठूंस-ठूंसकर वापस स्कूलों में भेजा गया। इसके अलावा बच्चों के लिए रिफ्रेशमेंट तो दूर पीने के पानी के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। सबसे बड़ी बात इनेलो के दोनों एमएलए व एमपी ने समारोह से दूरी बनाए रखी।
पंचायत भवन में आयोजित गीता जयंती समारोह के लिए मुख्य अतिथि भिवानी-महेन्द्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद धर्मबीर सिंह थे। समारोह सुबह 11 बजे शुरू होना था लेकिन डेढ़ बजे तक मुख्य अतिथि नहीं पहुंचे।
जिसके बाद स्कूली छात्र-छात्राएं भूख से परेशान दिखे। मुख्य अतिथि डेढ़ बजे के बाद जब पहुंचे तो विद्यार्थियों का लंच समय हो चुका था। लेकिन उनके रिफ्रेशमेंट व जलपान की कोई व्यवस्था नहीं थी।
जिसके बाद विद्यार्थी वापस स्कूल पहुंच गए। पुलिस की वैन में ठूंस-ठूंसकर वापस उन्हें समारोह स्थल पर भेजा गया। यह दृश्य देखकर सभी हैरान थे।
नहीं पहुंचे क्षेत्रीय सांसद व विधायक
समारोह के विशिष्ट अतिथि सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया व रतिया के विधायक प्रो.रविन्द्र सिंह बलियाला समारोह में नहीं पहुंचे। लोगों के बीच इसके भी चर्चे काफी रहे।
गणमान्य, शिक्षाविद को नहीं दिया न्यौता, बच्चे ही रहे मौजूद
समारोह में आयोजकों ने शहर के आम आदमी तो दूर, गणमान्य, साहित्यकार, शिक्षाविद् व संस्कृत तक के विद्वानों को न्यौता नहीं दिया। जिस कारण शहर के लोग समारोह में नहीं पहुंचे। स्कूली बच्चों की भीड़ ने ही प्रशासन की लाज बचाई।