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पिछले साल से भी खराब रहा रिजल्ट

Sun, 20 Dec 2015 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
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शिक्षा विभाग के आला अधिकारी अब पांच प्रतिशत से कम रिजल्ट वाले स्कूलों के मुखियाओं को पंचकूला स्थित विभाग के मुख्यालय बुलाकर जवाब तलबी करेगा।
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इसके लिए प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, जिन स्कूलों का रिजल्ट दस फीसदी से कम है, उन स्कूलों से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

10वीं के 35 तो 12वीं के 56 प्रतिशत बच्चे पास
भिवानी बोर्ड द्वारा जारी रिजल्ट में दसवीं कक्षा के प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में महज 35 फीसदी बच्चे ही पास हो पाए। लगभग 65 फीसदी बच्चे या तो फेल हो गए अथवा कंपार्टमेंट में उलझ गए।
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इतना ही नहीं, बारहवीं की परीक्षा में भी विद्यार्थी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। तकरीबन 44 फीसदी बच्चे बारहवीं के प्रथम सेमेस्टर में फेल हो गए।

हैरानी तो इस बात की है कि पिछले साल के खराब रिजल्ट के बाद प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाने का दावा किया था लेकिन पिछले साल के मुकाबले रिजल्ट में तकरीबन 8 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले साल बारहवीं में कुल 64 फीसदी पास का रिजल्ट आया था।

सरकारी स्कूलों में 76 फीसदी बच्चे फेल
दसवीं कक्षा के परिणाम की बात की जाए तो फतेहाबाद में दसवीं के रिजल्ट में सरकारी स्कूलों के करीबन 76 फीसदी विद्यार्थी फेल हुए हैं। महज 24 फीसदी रिजल्ट के साथ फतेहाबाद प्रदेश भर में 11वें स्थान पर रहा।

ऐसा नहीं है कि सरकारी स्कूलों का रिजल्ट ही खराब आया है। फतेहाबाद में निजी स्कूल भी 50 प्रतिशत पास के आंकड़े को नहीं छू पाएं हैं। इस बार जिले के निजी स्कूलों का रिजल्ट साढ़े 49 फीसदी रहा।

निजी स्कूलों के रिजल्ट के मामले में फतेहाबाद प्रदेश भर में छठे स्थान पर रहा। सबसे रोचक बात तो यह है कि निजी स्कूलों के मामले में फतेहाबाद के स्कूल रोहतक, करनाल, फरीदाबाद और गुडग़ांव जैसे बड़े शहरों से आगे रहे हैं।

गर्मी की छुट्टियां कैंसल की अब सर्दियों के अवकाश पर भी सस्पेंस
पिछले साल बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट खराब आने के चलते कई स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश को रद कर दिया गया था। अध्यापकों से कहा गया कि वे कंपार्टमेंट वाले बच्चों को गर्मियों की छुट्टियों में पढ़ाएं ताकि रिजल्ट को बेहतर किया जा सके।

इसके लिए प्रदेश भर में हजारों अध्यापकों को स्कूल में जाना पड़ा लेकिन अधिकतर स्कूलों में विद्यार्थी ही नहीं आए। सभी जिलों के अधिकारियों ने अपने यहां स्कूलों में छापे मारे, बावजूद विद्यार्थी ग्रीष्मकालीन अवकाश में स्कूल नहीं पहुंचे।

महज अध्यापक ही समय बिताकर वापस लौट आते थे। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी अभी खराब रिजल्ट पर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

लेकिन बताया गया है कि अधिकारियों की टेढ़ी नजर 25 दिसंबर से शुरू हो रही सर्दियों की छुट्टियों पर है। इसके अलावा कम रिजल्ट वाले स्कूल मुखियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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खराब रिजल्ट को लेकर विभाग गंभीर है। पांच प्रतिशत से कम रिजल्ट वाले स्कूल इंचार्जों को मुख्यालय जाकर वजह बतानी होगी तो दस प्रतिशत से कम रिजल्ट वाले जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर स्पष्टीकरण देंगे।
कुलदीप सिहाग, खंड शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद ।
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