गुस्साए विद्यार्थियों ने बोर्ड और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों का आरोप था कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी के चलते ही उनकी रिजल्ट खराब आया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दसवीं कक्षा में 106 बच्चों में से सिर्फ पंद्रह बच्चे पास हुए हैं। शनिवार को शहर के भगत सिंह चौक में सरकार व शिक्षा बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करने वाले बच्चों ने बताया कि उनके स्कूल में न तो मैथ का कोई अध्यापक है और न ही फिजिक्स, कॉर्मस का।
बच्चों ने बताया कि वे अपने ही स्तर पर पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि वे अध्यापकों की कमी को लेकर कई बार स्कूल के मुख्याध्यापक व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मांग पत्र सौंप चुके हैं लेकिन अध्यापकों की पूर्ति नहीं की गई।
जिसके चलते ही उनका रिजल्ट खराब आया है। विद्यार्थियों ने कहा कि उनकी मांग को न तो सरकार के प्रतिनिधि सुनते हैं और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारी। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि स्कूलों में अध्यापकों की कमी पूरी न की गई तो विद्यार्थी आंदोलन करेंगे।
स्कूल के प्राचार्य जितेंद्र पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि स्कूल में कई विषयों के अध्यापकों की कमी है। फिर भी किसी तरह काम चला लिया जाता है।
परंतु मैथ, फिजिक्स व कॉमर्स के अध्यापकों की कमी के चलते विद्यार्थियों को दिक्कतें आ रही है। इसके बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित में मांग पत्र भी भेजा गया है।