सिरसा-चंडीगढ मार्ग पर शहीद ऊधम सिंह चौक के नजदीक बाजार में दो मंजिला इमारत गिर गई। गनीमत रही कि आठ जिंदगियां मौत के मुंह में जाने से बच गई। हादसे से मात्र 40 सेकंड पहले ही सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जैसे ही उपरोक्त लोग इमारत व दुकानों से बाहर निकले तो अचानक दो मंजिला इमारत गिर गई। हादसा पड़ोसी दुकानदार द्वारा बेसमेंट निर्माणाधीन के दौरान घटित हुआ। मामले की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार मनोहर लाल व पुलिस सब इंस्पेक्टर भूप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने जान माल का नुकसान न होने संबंधित पूरी रिपोर्ट ली। पीड़ित दुकानदार ने पड़ोसी के खिलाफ अवैध रूप से बेसमेंट बनाने के कारण हादसा होने की शिकायत पुलिस में दी है।
यूं हुआ हादसा
मंगलवार दोपहर करीब सवा दो बजे देशराज मेहंदीरता किराना की दुकान में बैठे थे। उनकी पत्नी नीलम और बच्चे उर्वश व दीपक ऊपर की मंजिल पर खाना खा रहे थे। उनके साथ लगती भतीजा बूट हाउस की दुकान में अचानक जूतों के डिब्बे फिटिंग से गिरने लगे तो राजू एवं साहिल ने दौड़कर बाहर निकल कर देखा तो देशराज मेहंदीरता की दो मंजिला बिल्डिंग में दरार पड़ रही थी। जिसके बाद दोनों युवाओं ने चिल्लाना शुरू कर दिया। देशराज ने अपनी पत्नी व दोनों बच्चों को तुरंत ऊपर की मंजिल से नीचे उतरने के लिए आवाज लगाई। वही बेसमेंट के लिए खुदाई कर रहे चार मजदूरों को भी तुरंत बाहर निकालने के लिए चिल्ला चिल्ला कर पुकारा गया। मात्र 40 सेकंड के अवधि में देशराज का परिवार व मजदूर निकलकर सड़क पर आ गए। तभी उपरोक्त दो मंजिला इमारत गिर गई। सड़क पर खड़े दो मोटरसाइकिल इमारत के मलबे के नीचे दब जाने से क्षति ग्रस्त हो गए।
बेसमेंट का निर्माण की नहीं ली थी मंजूरी
शहर में कमर्शियल एरिया में दुकान को तोड़कर अमित खट्टर पुत्र श्रवण खट्टर के द्वारा बेसमेंट बनाकर तीन मंजिला इमारत बनाई जाने की तैयारी चल रही थी। जिसकी नगरपालिका से कोई मंजूरी भी नहीं ली गई और ना ही नक्शा पास करवाया गया था। बेसमेंट बनाने के लिए पिछले दस दिनों से खुदाई कार्य चल रहा था। जिसके कारण देशराज मेहंदी रता के दो मंजिला इमारत की नींव खोखली हो गई। उसी के चलते मंगलवार को 2 मंजिला इमारत औंधे में जमीन पर आ गिरी। इस संबंध में नगरपालिका के सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बेसमेंट बनाने की उनसे कोई मंजूरी नहीं ली गई है।
सूझबूझ से बची लोगों की जान
भतीजा बूट हाउस के संचालक राजू व साहिल ने अगर दीवार के साथ बनाई गई फिटिंग से अचानक गिरे जूतों के डिब्बो को अनदेखा कर लेते तो मंगलवार को भूना में एक बड़ा हादसा हो जाता। दोनों युवाओं ने बाहर निकल कर इमारत में आई दरार को देखकर चिल्लाना शुरू कर दिया था। जिसके कारण आठ लोगों की जान बच गई। जिसको लेकर देशराज मेहंदी रता ने दोनों युवाओं का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि अगर वह सचेत न करते तो आज उसका परिवार इस दुनिया में नहीं रहते।
शहर में 50 से अधिक हो रहे अवैध निर्माण
शहर में 50 से अधिक निर्माण कार्य अवैध रूप से चल रहे हैं। जिसका एक कारण नगर पालिका में बिल्डिंग इंस्पेक्टर का पद रिक्त होना भी है। वहीं नगर पालिका को लाखों रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है। नगरपालिका सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पद रिक्त होने के बाद कनिष्ठ अभियंता को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है मगर काम अधिक होने के कारण अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में दिक्कत आ रही है। कई लोगों को नोटिस भी दिए हैं।
नुकसान की भरपाई के लिए दी शिकायत
दो मंजिला इमारत एवं दुकान मलबे में तब्दील हो जाने के कारण देशराज मेहंदी रता का परिवार सड़क पर आ गया है। बेसमेंट निर्माण करने वाले अमित खट्टर पुत्र श्रवण खट्टर के खिलाफ कार्रवाई करके उसके नुकसान की भरपाई करने के लिए पुलिस में शिकायत दी है। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है मामले की जांच की जा रही है। इसके खिलाफ नगर पालिका को कार्रवाई करनी चाहिए जो उनके अधिकार क्षेत्र में है।