रोडवेज की 69 बसों का परिचालन रुकने के बाद सवारियों को आ रही परेशानी को देखकर ऑटो चालकों का दिल पसीजा है। पहले पांच से सात किलोमीटर की दूरी तक ही जाने वाली ऑटो चालक, अब सवारियों को 15 से 20 किलोमीटर दूर तक छोड़कर आ रहे हैं। मात्र पांच से सात सवारियां होने पर भी ऑटो चालक उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने में लगे हैं।
गौरतलब है कि 13 सितंबर के बाद से बीमा नहीं होने के कारण रोडवेज की 90 में से 69 बसें रूटों पर नहीं भेजी जा रही हैं। सबसे अधिक बुरा हाल ग्रामीण रूटों पर हैं। पहले से ही परिवहन व्यवस्था की कमी से जूझ रही जनता पर रोडवेज अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब दोहरी मार पड़ रही है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण रूटों पर जाने वाली सवारियों को बस स्टैंड पर रोडवेज बसें नहीं चलने का जवाब मिलता है। इसके बाद सवारियां बस स्टैंड के गेट के बाहर खड़े होकर गांवों की तरफ जाने वाले निजी वाहनों की बाट देखती हैं। अगर निजी वाहन नहीं मिलें तो ऑटो ही उनके पास एकमात्र विकल्प हैं। इसलिए अधिकांश सवारियां ऑटो के जरिये ही गांवों तक पहुंच रही हैं। संवाद
इन गांवों की शहर से दूरी है 15 से 20 किलोमीटर
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से गांव भिरडाना, गांव बिसला, ढाणी माजरा, माजरा, भोडिया खेड़ा, मानावाली, ढिंगसरा, बीघड़, सालमखेड़ा, मताना, ढाणी खान मोहम्मद, हिजरावां कलां व हिजरावां खुर्द, दरियापुर, खैरातीखेड़ा, कुकड़ांवाली, अहरवां, अयाल्की की दूरी 15 से 20 किलोमीटर हैं। इनमें से अधिकांश गांव ऐसे हैं, जहां पर रोडवेज की अब एक भी बस नहीं जा रही है। इस कारण इन गांवों से शहर तक यात्रा करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
कोट
मुश्किल घड़ी में लोगों के काम आना चाहिए
सामान्य दिनों में हम शहर के आसपास के गांव तक सवारियां ले जाते हैं। मगर अब बसें नहीं चलने से मुश्किल घड़ी है। इसलिए लोगों के काम आना चाहिए। 15 से 20 किलोमीटर दूर गांवों में भी सवारियां छोड़कर आ रहे हैं। गांव भिरडाना तक सवारियां छोड़ी हैं।
तिलक अरोड़ा, ऑटो चालक।
चार दिन कम कमा लेंगे, लोग परेशान तो न हों
रोडवेज बसें नहीं चलने से चार-पांच दिनों से ग्रामीण रूटों की सवारियां बहुत परेशान हैं। हम चार दिन कम कमा लेंगे, लेकिन सवारियों को परेशानी नहीं आनी चाहिए। इसलिए ज्यादा दूरी तक भी सवारियां छोड़ने जा रहे हैं। कम से कम लोगों को दिक्कत तो नहीं होगी।
रमेश कुमार, ऑटो चालक।
आज डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे
सोमवार को पहले डिपो परिसर में प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद डीसी को ज्ञापन सौंपकर बीमा समय पर नहीं करवाकर जनता की परेशानी बढ़ाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। बड़े शर्म की बात है कि छह दिन से रोडवेज बसें डिपो में खड़ी है और जनता परेशान हो रही है।
राजू बिश्नोई, जिला उपप्रधान, रोडवेज कर्मचारी यूनियन।
बस स्टैंड पर बस के इंतजार में बैठे यात्री।- फोटो : Fatehabad